fake reviews से customer को companies कैसे ठगती है?

 paid reviews क्या है और fake reviews क्यों करवाएं जाते है?



दोस्तों play store से app download करना हो, amazon , flipkart, ebay से कोई सामान खरीदना हो या फिर कोई hotel - restaurant book कराना हो तो सबसे पहले हम देखते है तो उस service की rating और reviews जरुर देखते है. अन्य customers ने जो reviews दी है उसके base पर हम उस product को choose करते है.
जैसे की प्ले store पर कोई app है तो हम उस app को download करना पसंद करते है जिसे rating high हो और उसपर अच्छे reviews हो.  कोई online product purchase करना हो तो हम उस product के reviews पर ध्यान देते है.

लेकिन यह जानकार आपको बहुत हैरानी होगी की कुछ company अपने product की rating सुधारने के लिए paid और fake reviews करवाती है.
दोस्तों आज हम इस पोस्ट में इसी टॉपिक पर बात करने वाले है की companies fake reviews क्यों और कैसे करवाती है ? और इससे customer पर क्या effects पड़ता है ? fake reviews को कैसे पहचाने ? इस सब पर detail में जानेगे....

fake reviews kya hai

fake reviews क्या होते है ?

review का मतलब होता है किसी product या service कैसी है उसके बारे में बताना. जो पॉजिटिव और नेगेटिव पॉइंट है उसको बताना . अर्थात अपना मत रखना की भाई मेने इस प्रोडक्ट को use किया और मुझे यह यह puls point लगे और यह यह नेगेटिव पॉइंट लगे. इस अब को बताना तो हो गया review जो की हमे प्रोडक्ट को जानने में  मदद करता है .
लेकिन कुछ कंपनी अपने product का पैसे देकर फेक review करवाती है. जिसमे सिर्फ प्रोडक्ट की अच्छाई ही बताई जाती है जिससे प्रोडक्ट की rating काफी high हो जाती है. और इसका सीधा फायदा कंपनी को मिलता है.



fake reviews से customer पर क्या effects पड़ता है?

        नया आने वाला customer उस प्रोडक्ट को अधिक खरीदेगा  जिस  प्रोडक्ट की rating अच्छी होगी. fake reviews से प्रोडक्ट की रेटिंग बढ़ जाती है जिससे costumer उस को बेस्ट मानकर खरीद लेता है. लेकिन जब उसकी वास्तविकता पता चलती है तब धोके का पता चलता है.

एक कंपनी के अनुसार india में लगभग 70 % लोग online fraud के शिकार होते है. यह बहुत बड़ा नंबर है.
फेक reviews से प्रोडक्ट की selling तो बढ़ जाती है लेकिन costumer के साथ धोखा हो जाता है. आप और हम मेंसे बहुत से लोग इस तरह के reviews के कारण चीज ले तो लेते है लेकिन जो रेटिंग उसकी होती है उस लेवल की वो आइटम नहीं होती है.

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fake reviews कौन करवाता है?

 हमारे मन में अब यह सवाल उठता है की यह सब करवाता कौन है? क्या फ्लिप्कार्ट ,अमेज़न और ebay जैसी बड़ी e commerce companies करवाती है? या फिर कोई और करता है?

किसी प्रोडक्ट पर इन बड़ी कंपनी के फेक reviews करवाने की तो कम सम्भावना है क्योंकि कुछ प्रोडक्ट पर ऐसा होता है. जिन प्रोडक्ट पर reviews होते है उनकी selling बढती है जिससे उस प्रोडक्ट को बनाने वाली कंपनी को फायदा मिलता है. इसलिए यह fake reviews यह companies ही करवाती है और customer को भ्रमित करती है.
 

fake reviews का पता कैसे लगाए?

                     अब आप समझ गये होंगे की फेक reviews से कैसे ग्राहगों को धोखा दिया जाता है. इन सभी से बचने के लिए जरुरी है की किसी भी reviews पर विश्वास करने से पहले उसकी वास्तविकता का पता लगाया जाए.
हम कुछ पॉइंट बता रहे है जिनसे आप fake review को पहचान सके.....

1.    छोटे reviews जैसे - best, good product, very very best etc. के फेक होने की संभावना अधिक होती है.
2.    जिसमे केवल पॉजिटिव पॉइंट ही हो.
3.    किसी प्रोडक्ट पर एक दिन में बहुत ज्यादा reviews दिए जा रहे हो.
4.    fake review देने वाले की इनफार्मेशन कम होती है.
5.    fakespot website के माध्यम से आप amazon product के fake reviews का पता लगा सकते हो.



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दोस्तों इस प्रकार fake reviews के माध्यम से प्रोडक्ट को highlight करवाके मुनाफा कमाते है. तो अब आप जब भी ऑनलाइन कोई भी shopping करे तो reviews को पढ़े और समझे उस पर आँख मूंद कर के कभी विश्वास नहीं करे.

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विरम सिंह
विरम सिंह

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