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विजय लक्ष्मी पंडित की जीवनी | vijay laksmi pandit biography in hindi


विजय लक्ष्मी पंडित की जीवनी



Biography of vijay laksmi pandit in hindi


भारत में बहुत सी ऐसी womens हुई है जिन्होंने देश सेवा के लिए अपना योगदान दी है| भारत की कई womens ने देश विदेश में अपना डंका बजाय है आज हम एक ऐसी ही women की biography पब्लिश कर रहे है जिसने स्त्रीयों के हक के लिए संघर्ष किया |


  vijay laksmi pandit ki jiwani 

    विजय लक्ष्मी पंडित के बारें में रोचक जानकारी 

biography


प्रारम्भिक जीवन और शिक्षा

    विजय लक्ष्मी पंडित का जन्म 18, अगस्त, 1900 को इलाहाबाद में हुआ था| उनके बचपन का नाम स्वरूप कुमारी था और श्रीमती स्वरूपरानी व पंडित मोतीलाल विजय लक्ष्मी पंडित के माता पिता थे| भारत के प्रथम प्रधानमंत्री श्री पंडित जवाहरलाल नेहरु उनके बड़े भाई थे| जो उनसे उम्र में 11 वर्ष बड़े थे| उनकी शिक्षा दीक्षा westrn शैली में हुई|

विवाह

   स्वरूप कुमारी का विवाह गुजरती विद्वान् श्री रणजीत पंडित से हुआ| विवाह के बाद स्वरुप कुमारी का नाम बदल क्र हो गया विजय लक्ष्मी पंडित फिर वो अपने इसी नाम से जानी जाने लगी|

आजादी में योगदान

   श्रीमती विजय लक्ष्मी पंडित ने अपने पति के साथ आजादी के आन्दोलन में भाग लिया और इसके लिए उनको कई बार जेल जाना पड़ा| वो हमेशा राजनैतिक गतिविधियों में सक्रिय रही| सन 1940 से 1942 अक वे आल इंडिया womens कान्फ्रेंस के अध्यक्ष के पद पर भी रही|

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राजनैतिक जीवन

    विजय लक्ष्मी पंडित की पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनैतिक थी और इसलिए श्रीमती पंडित में भी राजनीति के लिए उत्साह था| इस कारण वो राजनीति में में शामिल हो गई| जब देश में भारत सरकार अधिनियम, 1935 लागु हुआ और उसके तहत 1937 में कई प्रान्तों में कांग्रेस की सरकारे बनी तो श्रीमती विजय लक्ष्मी पंडित को उत्तरप्रदेश (संयुक्त प्रान्त) का केबिनेट मंत्री बनाया गया|
  श्रीमती विजय लक्ष्मी पंडित भारत की संविधान सभा की सदस्य भी थी| और उन्होंने 1952 में चीन जाने वाले सद्भावना मिशन का नेतृत्व भी किया| श्रीमती विजय लक्ष्मी पंडित आजादी के बाद 1962 से 1964 तक महाराष्ट्र की गवर्नर भी रही| उन्होमे 1964 में फूलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़कर लोकसभा में पहुंची |

महिलाओ के लिए कार्य  

     विजय लक्ष्मी पंडित के पति का 1944 में निधन हो गया किन्तु उन्हें और उनकी बेटियों को सम्पत्ति पर से बेदखल कर दिया गया| और पूरी सम्पत्ति पर उनके पति के भाई ने कब्जा कर लिया| श्रीमती विजय लक्ष्मी पंडित ने महिलायों का अधिकार दिलाने के लिए बहुत संघर्ष किया और उनकी ही मेहनत से आजादी के बाद महिलाओं को अपने पति और अपने पिता की सम्पत्ति का उत्तराधिकार प्राप्त हुआ|


मृत्यु

   श्रीमती विजय लक्ष्मी पंडित ने अपने जीवन काल में महिलायों के अधिकार के लिए सघर्ष किया| 1 दिसम्बर, 19990 को 90 वर्ष की आयु में श्रीमती विजय लक्ष्मी पंडित का निधन हो गया|  उन्होंने ‘द स्कोप ऑफ हैपीनेस’ नामक books लिखी|

विजय लक्ष्मी पंडित के बारें में रोचक तथ्य

1.  विजय लक्ष्मी पंडित के बचपन का नाम स्वरूप कुमारी था|
2.  वे भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु की छोटी बहिन थी|
3.  श्रीमती विजय लक्ष्मी पंडित भारत की प्रथम और विश्व की दूसरी केबिनेट मंत्री बनी (1937 में)
4.  1946 में संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व किया और ऐसा करने वाली वो प्रथम महिला थी|
5.  श्रीमती विजय लक्ष्मी पंडित 1947 में विश्व की प्रथम महिला राजदूत बनी|
6.  वे 1964 में फुलपुर सीट से लोकसभा में आई|


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