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महापुरुषों के अनमोल संदेश

दोस्तों आज हम gyandrashta.com पर प्राचीनकाल से लेकर अद्यतन मनीषियों द्वारा दिए गये विभिन्न सन्देश को लेकर आये है. पूज्य गुरुदेव स्वामी अड़गड़ानन्द जी  ने यथार्थ गीता मे संकलित किए गये गये संदेशो को प्रस्ततु कर रहे है.

1.  कण कण में व्याप्त ब्रह्मा ही सत्य है. उसे विदित करने के अतिरिक्त मुक्ति का कोई अन्य उपाय नहीं है.
                      वैदिक ऋषि

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2. एक परमात्मा के भजन के बिना जो कल्याण चाहता है, वह मूढ़ है.
                       भगवान श्रीराम

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3. परमात्मा ही सत्य है. चिन्तन की पूर्ति में उस सनातन ब्रह्मा की प्राप्ति संभव है. देवी देवताओं की पूजा मूढ़ बुद्धि की देन है.
                        भगवान श्रीकृष्ण

4. तुमने ईश्वर से श्रद्धा हटायी, मूर्ति बनायी- इससे ईश्वर नाराज है. प्रार्थना में लग जाओ.
                        महात्मा मूसा

5. अहूर ईश्वर की उपासना द्वारा हृदय में स्थित विकारों को नष्ट करो, जो दुःख के कारण है.
                         महात्मा जरथुस्त्र

6. “एक ओंकार सतगुरु प्रसादि.” एक ओंकार ही सत्य है; किन्तु वह सद्गुरु की कृपा का प्रसाद है.
                         गुरु नानक

7. मैने उस अविनाशी पद को प्राप्त किया है, जिसे पूर्व महर्षियों ने प्राप्त किया था. यही मोक्ष है.
                             मसीह ईसा



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8. अजर, अमर, अविनाशी एक परमात्मा की उपासना करें. उस ईश्वर का मुख्य नाम ॐ है.
                           स्वामी दयानन्द सरस्वती

9. जगत मिथ्या है. इसमें सत्य है केवल हरि और उनका नाम.
                         आदि शंकराचार्य

10. आत्मा ही सत्य है. कठोर तपस्या से ही इसी जन्म में जाना जा सकता है.
                         गौतम बुद्ध

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11.  राम नाम अति दुर्लभ, औरे ते नहिं काम |
     आदि अंत औ युग-युग, रामहि ते संग्राम ||
        राम से संघर्ष करो, वाही कल्याणकारी है.
                        संत कबीर

12. भगवान जब कृपा करते है तो शत्रु मित्र हो जाता है, विपत्ति सम्पत्ति हो जाती है. भगवान सर्वत्र से देखते है.
                                 स्वामी श्री परमानन्द जी
    
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2 comments:

  1. Bahut badhiya collection hai.....Agar in par dhyan diya jaaye to jeevan asani se badla jaa sakta hai....

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  2. सही बात है संदीप जी

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