आरक्षण का भुक्तभोगी हिन्दी कहानी


Story On Reservation Policy
हिन्दी कहानी " आरक्षण का भुक्तभोगी  "

'Good Morning Sir ' चपरासी ने विनम्रता के साथ  Files को Set कर रहे बड़े साहब का अभिवादन किया ।
'Good Morning , और रामलाल क्या हालचाल है? ' अपनी नजर उठाये बिना ही सिंह साहब ने पूछा ।
'सब ठीक है साहब! हमारे जिले के कलेक्टर साहब Transfer हो गया है ।'  रामलाल ने जानकारी देते हुए कहा ।
' क्या? कौन आया है अब उनकी जगह ' सिंह साहब ने आश्चर्य से पूछा ।
' कोई वर्माजी है साहब । '

reservation


'अच्छा ठीक है तुम जाओ और सुनो आज का अखबार चेम्बर मे पहुंचा देना ।' सिंह साहब ने आदेश देते हुए कहा ।
'जी साहब '
सिंह साहब अपने काम मे Busy हो गये और Table पर बिखरी फाइलों को निपटाने लगे।
इतने मे रामलाल अखबार लेकर आ गया और  पेपर Table पर रख कर चला गया ।

सिंह साहब फाइलों के ढेर से अपने आप को बाहर निकाल कर अखबार पढने लगे ।
' अरे यह क्या ? इसे तो मै जानता हूँ ।' अखबार मे छपी Photo देखकर मन ही मन कहा ।

स्मृति पटल पर पुराने दृश्य उभर कर सामने आने लगे । बचपन मे हम दोनो साथ ही पढते थे और हमेशा साथ साथ स्कूल जाते थे । हम दोनो के हालात एक जैसे ही थे । पर वर्माजी की जाति आरक्षण पाने वाली मे से थी इसलिए उसे Government की तरफ से Help भी मिलती थी। लेकिन मुझे कुछ नही मिलता था क्योंकि मे General Category से था ।

12 वी की परीक्षा First Division से Pass करने के बावजूद शहर की College मे प्रवेश नही मिला । जबकि वर्माजी के काम Marks के बावजूद selection हो गया ।

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उस वक्त मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ ऐसा क्यो?
तब मेरा आरक्षण से पहली बार सामना हुआ   । उसके बाद तो यह सिलसिला चलता ही रहा । अच्छे Marks आने के बावजूद भी न कोई Government की तरफ से छात्रवृति मिलती और न कोई सरकारी नौकरी मे फायदा मिलता । लेकिन आरक्षण से कम अंक वाले आगे आने लगे और Government Job पाने लगे ।

कडी मेहनत और नियमित परिश्रम से RAS Exam मे अच्छे अंक प्राप्त करने के बाद भी Selection नही हुआ और वर्माजी का आरक्षण ( Reservation ) की वजह से कम नंबर आने के बाद भी सलेक्शन हो गया।
योग्यता होने के बावजूद वे सिर्फ एक सरकारी बाबू बन कर रह गए । और कई सालो से प्रमोशन नही हुआ लेकिन वर्माजी Promotion से कलेक्टर बन गये ।

अखबार मे छपी अपने बचपन के दोस्त की Photo देखकर मन ही मन खुश हो रहे थे कि   उनका Friends आज बडी पोस्ट पर पहूँच गया ।
लेकिन एक ओर यह सोच कर दुखी हो रहे थे कि इस देश का क्या हाल होगा ?

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जब कम नंबर वाले अफसर बन रहे है और ज्यादा नंबर वाले बेरोजगार घुम रहे है।
जहाँ देखो वहा Reservation का ही बोलबाला है।  सिंह साहब मन ही मन इस व्यवस्था को कोसने लगे ।
फोन की घंटी के साथ ही स्मृति से बाहर आए और Phone Received किया " हैलो "
' हैलो, पापा मै बोर्ड परीक्षा मे जिले मे प्रथम स्थान पर आया हूँ '  सिंह साहब के बड़े बेटे हनी ने उत्साह के साथ जानकारी दी ।
' बहुत अच्छा, शाबास बेटा' कहकर सिंह साहब ने फोन काट दिया ।

मन ही मन कहने लगे ' बेटा मै जानता हूँ मै आरक्षण का भुक्तभोगी हू मुझे पता है कि क्या फायदा मेरिट मे आने का । आरक्षण प्रतिभा को दबा देगा कभी आगे बढने नही देगा और बेटा तुम्हे इसका आभास हो जाएगा ।
खैर जो होगा देखा जायेगा  । बेटा तुम Success हो और आशा करूगा की तुम "आरक्षण के भुक्तभोगी " न बनो ।
दिल से बेटे को दुआ देते हुए सिंह साहब फाइलों के साथ माथापच्ची करने लगे ।


दोस्तो आपको हमारी यह " आरक्षण का भुक्तभोगी" कहानी कैसी लगी और आपके आरक्षण पर क्या विचार है comments box मे जरूर बताय और यदि अच्छी लगे तो अपने दोस्तो के साथ जरूर share करे ।


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दीपावली पर निबंध | Essay On Deepawali In Hindi


दोस्तो हमारा देश पर्व और त्योहारों का देश है । यहा पर Everyday कोई न कोई Festival जरूर Celebrate किया जाता है।
Friends Festival हमारे मन मे उमंग और उत्साह का संचार करते है। India मे हिन्दू हो या मुसलमान या जैन सभी धर्म के उत्सव हर्षोल्लास से मनाते है ।
होली, दीपावली, रक्षाबंधन, आखातीज, करवा चौथ, कजली तीज, जन्माष्टमी, गणगौर आदि हिन्दुओ के प्रमुख त्योहार है । इनके अलावा भी बहुत से Festival Celebrate किए जाते है ।
दीपावली हिन्दुओ की Most festival है । आज हम दीपावली पर सम्पूर्ण जानकारी देगे।

deepawali kyu manate hai


दीपावली पर निबंध 

     In This Post
1. दीपावली क्यों मनाई जाती है? Diwali Kyo Manate Ha?
2. दीपावली कब मनाई जाती है? When Diwali Celebrate?
3. दीपावली कैसे मानते है? How To Celebrate Diwali?
4. दीपावली का महत्व।


1. दीपावली क्यों मनाई जाती है? Diwali Kyo Manate Hai?

      Friends कई लोगो के मन मे questions होगा कि दिवाली क्यों मनाई जाती है ? तो आपके सवाल का जवाब अब मिल जाएगा।
दिवाली मनाने के पीछे एक बहुत बडा कारण है ।
दिवाली क्यों मनाते है?
      रामायण काल की बात है । जब प्रभु श्रीराम लंका नरेश रावण का वध करके और 14 वर्ष का वनवास पूर्ण करके जब अयोध्या वापिस लौटे थे तब अयोध्या वासियों से खुशी से पुरे अयोध्या नगर को दीपक से सजा दिया । और चारो दीपक ही दीपक थे और उनका प्रकाश से पुरा नगर जगमगा गया। इस कारण हम इस को दीपावली या दिवाली कहते है।

   भगवान श्रीराम के पिता के दिए वचन निभाने के लिए 14 वर्ष का वन मे व्यतीत किए वो हमारे सामने पितृभक्ति का अनूठा उदाहरण है । श्री राम के अयोध्या लौटने की खुशी मे हि दीपावली ( Deepawali ) का त्योहार मनाया जाता है।

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दीपावली कब मनाई जाती है?

      Friends Diwali Festival प्रतिवर्ष कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है । कहा जाता है कि जब भगवान अयोध्या पधारे थे, तब अमावस्या थी और दीपकों की रोशनी से अमावस्या की रात्रि को पूर्णिमा की रात्रि बना दिया ।
विशेष :- दोस्तो इस बार की दीपावली  कार्तिक मास की अमावस्या दिनांक 30 अक्टूबर , 2016  को मनाई जाएगी ।

दीपावली कैसे मनाते है?

     दिवाली को बड़े ही शानदार तरीके से Celebrate किया जाता है।  दिवाली की रात्रि ( अमावस्या की रात्रि ) को सभी लोग अपने घरो को दीपकों की रोशनी से सजाते है। 
युवा इस दिन पटाखे उर आतिशबाजी करके श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी मनाते है। इस दिन विशेष पूजा पाठ भी किया जाता है।



दीपावली का महत्व

      Friends दिवाली का पर्व अपने आप मे एक प्रेरणादायी त्यौहार है । जब दीपक की रोशनी से सारा आसमान जगमगाता है तो मन मे एक नवीन प्रकार की ऊर्जा का संचार होता है जो की Body और Mind दोनो के लिए Useful होती है।
दिवाली के दिन सभी भाई लोग आपस मे मिलते है जिससे भाईचारा बढता है ।
दीपावली धर्म पर चलने का तथा अपने वचन को निभाने का हौसला बुलंद करती है ।

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दीपावली पर मनाए जाने वाले त्यौहार


      दोस्तो Diwali तो कार्तिक अमावस्या को मनाई जाती है । लेकिन इससे Related ओर भी त्यौहार मनाए जाते है - 

  नवरात्रा
          दिवाली से 20 दिन पहले अश्विन शुक्ल पक्ष एकम् से नवम तक देवी के नौ रूपो की पूजा की जाती है। 

   विजयादशमी
          अश्विन शुक्ल पक्ष दसम् को विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है । इस दिन श्रीराम ने रावण का वध किया था इसलिए इस दिन रावण, कुम्भकर्ण और इन्द्रजीत के पुतले जलाए जाते है । 

    धनतेरस
        इस दिन धन की देवी लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना की जाती है । यह त्यौहार कार्तिक कृष्ण पक्ष की 13  को मनाया जाता है। इस दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है ।

     रूप चतुर्दशी
   यह त्यौहार दिवाली से एक दिन पहले कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की 14 को मनाया जाता है। इस को छोटी दीपावली भी कहते है ।
इस दिन स्त्रियाँ सुबह जल्दी उठकर स्नान करती है और सुन्दर रूप की कामना करती है ।

 गोवर्धन पूजा
   जब इन्द्र देव ने गोकुलवासियों से नाराज होकर उन्हे सबक सीखाने के लिए जोरदार बारिश की तब श्री कृष्ण ने अपनी एक अगुंली पर गोवर्धन पर्वत को उठा कर गोकुल के लोगो की रक्षा की थी । इसलिए इस दिन को गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है।
यह पूजा कार्तिक शुक्ला एकम् को की जाती है । 


    भैयादूज
         भाई - बहन का त्यौहारी भैयादूज कार्तिक शुक्ला द्वितीया को मनाया जाता है ।
   
    
दोस्तो आपको हमारा यह " दीपावली पर निबंध " Post कैसी लगी । यदि आपके पास भी दीपावली से जुडी कोई कहानी हो तो हमारे साथ comments box मे जरूर share करे ।


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दोस्तो हमारा देश पर्व और त्योहारों का देश है । यहा पर Everyday कोई न कोई Festival जरूर Celebrate किया जाता है। Friends Festival हमार...

दोस्तो पर शायरी | friends kaise ho hindi quotes


दोस्तो friendships दुनिया मे सबसे शक्तिशाली word है   दोस्ती के लिए लोग अपनी जान की बाजी लगा देते है । श्री कृष्ण और सुदामा की दोस्ती की मिसाल आज भी लोग देते है ।
Friends आज हम इस post मे कुछ दोहे , shayari, quotes प्रस्तुत कर रहे है जिनके अनुसार दोस्त कैसे हो ? कैसे को दोस्त नही बनाए ? दोस्ती कैसी हो ?

Friendships पर Quotes, Shayari

Friends kaise ho

दोस्त कैसे हो ? Friends kaise ho

"मुख मीठा सज्जन घणा मिल जा मित्र अनेक,
काम पड्यां कायम रहे सो लाखन मे एक ।"

कभी जीवन मे ऐसा वक्त आ जाए कि तुम्हारा कोई भी न बचा हो ऐसे मे जो तुम्हारे काम आ जाए वही वास्तविक मित्र है ।

     "मित्र ऐसा कीजिए, ढाल सरीखो होय ।
   दुख में तो आगे रहे, सुख मै पाछो होय ।।"
अर्थात मित्र ढाल के समान होना चाहिए जो भले ही पीठ पर रहे पर संकट के समय में हमारी रक्षा के लिए आगे होता जाये ।

राजस्थानी साहित्य मे नीतिगत सीख

कैसे मित्र नही करने चाहिए ।( Kaise Friends Nahi Banane Chaie )


     " स्वार्थी और कपटी मित्र से अच्छा है  बिना मित्र के ही रहा जाए ।"

" सिंहन के वन में वसिये, जल में घुसिये, कर में बिछुलीजे ।
कानखजुरे को कान मे डारि के, सांपन के मुख अगुंली दीजे ।।
भूत पिशाचन में रहिये अरू जहर हलाहल घोल के पीजे ।
जो जग चाहै जिओ रघुनन्दन, मुरख मित्र कदे नही कीजे ।।"

सांप, बिच्छु और कानखजुरे उतने खतरनाक नही होते और जहर भी उतना नुकसानदेह नही होता है जैसा मूर्ख मित्र ( friends )।
मूर्ख मित्र की बजाय बुद्धिमान दुश्मन कही ज्यादा अच्छा होता है । इसलिए कहते है -
" सांड के अगाडी से खतरा , गधे के पिछे से खतरा पर मुर्ख मित्र के तो चारो ओर से खतरा है ।

ओशो के अनमोल विचार

friendship कैसी हो ?

       दोस्त हो कृष्ण सुदामा जैसी हो । जिसमे श्री कृष्ण राजा होने के बावजूद सुदामा के चरण धोए और आदर सम्मान देकर एक friend

I am Flowers, My Rose is you.
I am Diamond. My Kohinoor is you.
I am Sky, My Moon is you.
I am River , My Boat is you.
I am just Friend but best Friend is you .


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दोस्तो friendships दुनिया मे सबसे शक्तिशाली word है   दोस्ती के लिए लोग अपनी जान की बाजी लगा देते है । श्री कृष्ण और सुदामा की दोस्ती की...

आत्मविश्वास की शक्ति | Power Of Self Confidence


Friends इस दुनिया मे सब Success होना चाहते है लेकिन क्या आप जानते है Success होने के लिए क्या जरूरी है ? 
Success होने के लिए self confidence कैसे आवश्यक है ?
Self Confidence से क्या हो सकता है ? 

आप के इन सभी प्रश्नो के उत्तर छिपे है इस कहानी मे  तो आप यह Story carefully read किजिए आपको अपने all questions के answers  मिल जाऐंगे ।

Power Of Self Confidence 


एक समय की बात है । एक राजा पर किसी दूसरे राजा ने हमला बोल दिया । जिस राजा ने हमला किया वो बहुत Powerful  था। सेनापति ने राजा को Advice दी कि - महाराज! आत्मसमर्पण  (surrender ) कर दीजिए क्योंकि सामने वाली Army हमसे दुगुनी है। शस्त्र और हथियार भी अपने से ज्यादा Fast है। वे ज्यादा प्रशिक्षित सैनिक  ( Trained soldier )  है ।

power of self confidence


राजा को भी लगा कि सेनापति ( Commander )  ठीक कह रहा है, जब सेनापति ही ठंडा पड रहा है तो अपनी बंदूक किसके उपर रखेगा? आत्मसमर्पण की बात आ गई राज्य मे ढिंढोरा पीट दिया गया कि surrender कल सुबह होगा । तभी साँझ को एक संत आए । संत ने राजमहल मे खडे होकर कहा - महाराज , यह मै क्या सुन रहा हूँ कि आप आत्मसमर्पण कर रहे है ? मरने से पहले मर रहे है आप।

प्रेरणादायी कहानियाँ Motivational story

राजा ने कहा - आप कहना क्या चाहते है?
संत ने कहा - राजन्! मै अभी अभी देवी के मंदिर से आ रहा हूँ । देवी ने मुझे आशीर्वाद दिया है और कहा कि जाओ , राजा से कह दो कि मेरा आशीर्वाद तेरे साथ है । तू लडाई कर , युद्ध मे विजय तेरी होगी ।

राजा ने सोचा कि यह देवी के आशीर्वाद का प्रसंग कहा से आ गया?
राजा संत से बोले - क्या सबूत ( Evidence )  है आपके पास कि आप देवी का आशीर्वाद लेकर आये हो , कही मै मारा गया तो? कही यह सेना पीछे हट गई तो? राजा ने जैसे ही आशंका जताई कि सेनापति ने भी अपनी तरफ से comment किया । 

संत ने कहा - ठहरो, मेरे पास एक सिक्का ( coin ) है अभी वो सिक्का उछाल कर देख लेते है। अगर सिक्का सीधा गिरा तो तुम जितोगे और अगर सिक्का उल्टा गिरा तो तुम हारोगे ।

बात पक्की हो गई । संत ने हाथ सीधा जेब मे डाला और सिक्का निकाल कर सिक्का आसमान मे उछाला। सिक्का जैसे ही जमीन पर गिरा तो संत ने ताली बजा दी और कहा कि देखो , सिक्का सीधा गिरा है। 

Commander ने कहा - भले ही coin सीधा गिरा हो पर मै सहमति नही रखता उस सामने वाले से मुकाबला करने के लिए।
संत ने गरजकर कहा - हट रे सेनापति! बुजदिल कही का । अरे तेरे भरोसे कोई युद्ध जीते जाएँगे?
कायरता और नपुंसकता के सहारे कोई लड़ाई जीती जा सकती है?
हटो! मै बनता हूँ सेनापति, आओ हम लोग युद्ध के लिए रवाना होते है । 

राजा ने पूछा - आप तो संत हो , आपने तलवार कभी हाथ मे उठाई भी है ?
संत ने कहा - इसका निर्णय युद्ध के मैदान मे होगा ।
        
संत को सेनापति बना दिया गया संत चढ गया रथ पर । गुल्ली डंडा भी खेलना आता नही होगा , पर जोश जगा दिया सेना मे और निकल पडी सेना कि देवी का आशीर्वाद साथ मे है । अब तक तो सेनापति की बुजदिली साथ मे थी । 

सेना रणक्षेत्र मे पहुंची भी नही थी कि संत ने कहा - ठहरो , मै देवी के मंदिर मे यज्ञ कर लेता हूँ , पूजा अनुष्ठान कर लेता हूँ और फिर तुम लोगो को बता देता हूँ कि यहाँ पर भी देवी का आशीर्वाद क्या है ? बस उसने यज्ञ किया । फिर उसने वही सिक्का निकाला। सेना पुरी उत्सुकता से तैयार होगा गई , सिक्का उछाला गया और जैसे ही सिक्का आ कर गिरा , सिक्का सीधा गिरा और पूरी सेना मे जोश जंग गया किया देवी भी हमारे साथ है , सारे देवता भी हमारे साथ है।

     सभी युद्ध के मैदान मे पहुंच गए, सामने इतनी भयंकर सेना को देखकर, एक बार तो सभी काँप गए । संत को भी लगा कि शायद कुछ गडबड हो रहा है।
उसने कहा - ठहरो, एक बार फिर सिक्का उछालकर देख लेते है ताकि मन की शंका निकल जाए और उसने युद्ध के मैदान मे फिर सिक्का उछाला । सिक्का फिर सीधा गिरा। जैसे ही सैनिको ने देखा कि अब भी देवी माँ का आशीर्वाद हमारे साथ है, सेना मे चार गुनी ताकत आ गई और भिड़ पड़े । 

लोग समझ रहे थे महीनो युद्ध चलेगा पर सूर्यास्त नही हुआ । उसके पहले जीतकर लौट आए ।
          
संत की जय जयकार होने लगी । संत वापस आया और राजा का अभिवादन किया । राजा ने कहा - सब देवी माँ की कृपा है ।
संत ने कहा - राजन् ! यह देवी माँ की कृपा से ज्यादा सैनिको के भीतर आत्मविश्वास ( Self Confidence ) और जोश का Results है । 

राजा बोले - तुम कहना क्या चाहते हो ?
संत ने जेब मे हाथ डाला , सिक्का निकाला, फिर उछाला, सिक्का सीधा आकर गिरा । संत ने राजा से कहा - राजन्! सिक्का लो हाथ मे और उछालो । राजा ने सिक्का सीधा गिरा । राजा ने सैनिको को सिक्का दिया उन्होंने भी उछाला तो भी सिक्का सीधा गिरा । सब लोग भौचक्के रह गए । 

संत ने रहस्य ( secret) खोला और कहा - सिक्के को जब भी गिराओगे यह सीधा ही गिरेगा क्योकि इसमे उल्टे वाला भाग है ही नही ।
इधर भी सीधा है और उधर भी सीधा है , अब तुम उल्टा लाओगे कहाँ से ।

शिक्षा Moral
      सफलता ( Success ) का एक ही secret है अपना सिक्का हमेशा सीधा रखो ।  अर्थात हमेशा कैसी भी समस्या हो confidence के साथ उसका सामना करना चाहिए । Success होने के लिए  self confidence बहुत जरूरी है ।

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नवाबजादा, सहजादा और हरामजादा हिन्दी कहानी


Hindi Motivational story 


एक समय एक राजकुमार कही जंगल मे घूमने गया । अकेला था , उसे प्यास लगी तभी एक कुआ दिखाई दिया वह वहाँ गया लेकिन वहाँ जाके बैठ गया सोचा कोई आयेगा तो पानी पिला देगा , मुझे तो बस Order देना है । क्योंकि मै स्वयम् कुएँ से पानी निकालूं तो मेरी  शान कम हो जाएगी क्योंकि मै तो नवाबजादा हूँ ।



थोडी देर मे एक व्यक्ति और आया वो भी प्यासा था लेकिन बाल्टी ,कुआ देखकर वो भी बैठ गया नवाबजादा बोला अरे भाई! जरा पानी पिलाना ।
वह आदमी बोला तुम स्वयँ उठ के पी लो ।
राजकुमार बोला मै नही पी सकता क्योंकि मै पानी कुएँ से नही निकाल सकता ।
उस व्यक्ति ने पूछा क्यो ?
राजकुमार बोला क्योंकि मे नवाबजादा हूँ ।
वह व्यक्ति बोला तो पानी तो मुझे भी पीना है पर मै भी कुएँ से पानी नही निकाल सकता क्योंकि मै सहजादा हूँ
मै अगर पानी की बाल्टी भरूंगा तो मेरी नाक नीची हो जाएगी ।

दोनो बैठ गए तभी वहाँ एक गरीब व्यक्ति लेकिन शरीर का हट्ठा - कट्ठा था आया उसे भी प्यास लगी थी उसने तुरंत बाल्टी उठायी रस्सी पकडी और बाल्टी कुएँ मे डाली पानी निकाला पिया।

 इतने मेल नवाबजादा और सहजादे ने कहा अरे भाई हमको भी पानी पिला दो , हम भी प्यासे है । वह जवान व्यक्ति बोला आप तो यहाँ पहले से मौजूद है , आपने पानी क्यो नही पिया ?

उन्होंने उत्तर दिया पानी पीये कैसे मै नवाबजादा हूँ और ये सहजादा है । हम पानी की बाल्टी नही खींच सकते क्योंकि हमने कभी पानी की ग्लास भी नही भरी है ।

तो उस जवान व्यक्ति ने कहा अच्छी बात है । अब तो मै भी तुम्हे पानी नही पिलाऊंगा, क्योंकि तुम हो नवाबजादा और यह सहजादा वह बाल्टी कुए मे गिराकर बोला और मै हू हरामजादा तुम आलसी लोगो के लिए यही सजा है ।

शिक्षा  Moral

   जो व्यक्ति आलसी होता है वह सरोवर के तट पर भी बैठकर प्यासा रह जाता है और हमेशा हमेशा के लिए उसके जीवन मे सफलता के द्वारा बंद हो जाते है ।

इसलिए आलस्य न करे । अपने काम नियत समय पर करे और स्वयँ करने मे नि हिचकियाए ।

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[ज्ञान द्रष्टा: रामायण की प्रेरणादायी कहानी | Ramayana Inspiring Story In Hindi]


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Hindi Motivational story  एक समय एक राजकुमार कही जंगल मे घूमने गया । अकेला था , उसे प्यास लगी तभी एक कुआ दिखाई दिया वह वहाँ गया लेकिन व...

सकारात्मक सोच का महत्व | power of positivity


Friends प्रत्येक व्यक्ति इस दुनिया मे व्यक्तित्व निर्माण करना चाहता है, लेकिन वह अपनी मजबूरियाँ गिनाकर अपने आप को एक असमर्थ व्यक्ति के रूप मे प्रस्तुत करता है, और यह मजबूरियाँ क्या हो सकती है ? आप जरा सोचे ! व्यक्ति कहता है कि मै क्या करू, मेरा परिवार मेरा साथ नही देता , मेरे पास money नही है , मेरे पास कला नही है आदि आदि .....

positivity


लेकिन क्या आपको यह सब बहाने निराधार नही लगती ? क्योंकि इस दुनिया मे महान व्यक्तित्व का निर्माण करने वाले या सफलता प्राप्त करने वाले लोग इस सारी परिस्थतियों  का सामाना कर के ही महान व सफल व्यक्ति बने है ।

इस दुनिया मे यदि आपको कुछ भी बनना है तो  उसके लिए किसी भी प्रकार की प्रतिकूलता स्वीकार कर लो पर शर्त यह है कि आपका नजरिया अनुकूल होने चाहिए । अर्थात आपकी सोच सकारात्मक होनी चाहिए। जिस व्यक्ति की सोच सकारात्मक होती है वह व्यक्ति इस दुनिया मे बड़ी से बडी जंग जीत सकता है । जिसकी सोच सकारात्मक है वह कई बार हार के भी नही हारता आशावादी बनो और अपनी Life मे सफलता हासिल करो ।

दृष्टांत
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         एक आदमी के जिन्दगी की कहानी बडी मशहूर है। यह आदमी 21 साल की उम्र मे बिजनेस मे नाकामयाब हो गया, 22 साल की उम्र मे वह एक चुनाव हार गया , 24 की उम्र मे उसे व्यापार मे फिर असफलता मिली, 26 साल की उम्र मे उसकी पत्नी मर गई , 27 साल की उम्र मे उसका मानसिक संतुलन बिगड गया , 34 साल की उम्र मे वह कांग्रेस का चुनाव हार गया , 45 साल की आयु मे उसे सीनेट के Election मे हार का सामना करना पड़ा , 47 साल की उम्र मे वह उपराष्ट्रपति बनने मे असफल रहा , 49 साल की आयु मे उसे सीनेट के एक और चुनाव मे नाकामयाबी मिली और वही आदमी 52 साल की आयु मे अमेरिका का राष्ट्रपति चुना गया । वह आदमी अब्राहम लिंकन था ।

क्या आप लिंकन को असफल मानेंगे ? वह शर्म से सिर झुका कर मैदान से हट सकते थे, और अपनी वकालत फिर शुरू कर सकते थे, लेकिन लिंकन के लिए हार केवल भटकाव थी , सफर का अन्त नही ।

आपकी सोच ही आपको सुखी करती है , और आपकी सोच ही आपको दुःखी करती है ।

दुनिया आपकी मुट्ठी मे आ जाए उसके लिए कोई तंत्र मंत्र नही है या कोई ऐसा जादू नही हो सकता जिससे दुनिया आपकी मुट्ठी मे आ जाये लेकिन यह आपका सपना जरूर हो सकता है। अगर आप अपने सपने को संकल्प मे बदल दे तो जरूर दुनिया आपकी मुट्ठी मे होगी .........

  जो आप है और जो आप होगे , सपने उसका अंतराल है ।

धीरूभाई अंबानी ने भारत को डिजिटल करने का सपना देखा था। धीरूभाई का सपना था कि मै india के हर नागरिक के हाथ मे mobile phone देखूं और वह इसके द्वारा 1 मिनट की बात 1 रूपये से भी कम मे कर सके , और आज वह दिन आ गया है । लेकिन यहाँ जो महत्वपूर्ण बात है जो यह है कि रिलायंस कम्पनी के मालिक धीरूभाई ने जब यह सपना देखा था तब 1 मिनट की काल के 16 रूपये लगते थे ।



इसी तरह जब हर उत्पाद , सेवा और मद दिनो दिन महँगे होते जा रहे थे , तब रतन टाटा ने एक लाख रुपए की कार का सपना देखा था और नेनो को सामने लाकर उन्होने इस सपने को साकार भी कर लिया ।
हमे सपने देखने चाहिए । लेकिन यहाँ जो बात महत्वपूर्ण है, वह यह है कि इन सभी महान स्वप्नद्रष्टाओं ने इन सपनो को सर्वोतम काल और परिस्थतियों मे नही बल्कि बड़े कठिन समय मे देखा था ।
आप कठिन दिनो का सामना कर सकते है । आप कठिन दिनो से दो दो हाथ भी कर सकते है । लेकिन सपने जरूर देखे । जो आप है और आप होंगे , सपने उसका अंतराल है ।

मानव मन मे जो कल्पना कर सकता है , वह जो विश्वास कर सकता है , उसे प्राप्त भी कर सकता है। आपको कुछ करने की शक्ति दिए बिना , ईश्वर आपको उसे करने का विचार भी नही देता । 
सकारात्मक सोच और सपने को पुरा करने का जुनून आपको सफल बनाता है ।


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Friends प्रत्येक व्यक्ति इस दुनिया मे व्यक्तित्व निर्माण करना चाहता है, लेकिन वह अपनी मजबूरियाँ गिनाकर अपने आप को एक असमर्थ व्यक्ति के रू...

सफलता और मेहनत पर अनमोल कथन | success quotes in hindi

दोस्तो life मे प्रत्येक व्यक्ति success होना चाहता है और वह चाहता है कि वो हमेशा सफल ही होता रहे जो कि बहुत मुश्किल है । 
हम आज  " सफलता, मेहनत और समय " पर प्रसिद्ध कथन post कर रहे है जो आपको जरूर पंसद आऐगे ।
दोस्तो बिना मेहनत और समय प्रबंधन के सफलता नही मिल सकती  । 

Success, Hard Work, Time Management

Motivational quotes


"इतिहास बताता है कि बड़े- बडे विजेताओ को भी जीत से पहले हताश कर देने वाली बाधाओं का सामना करना पड़ा । उन्हे जीत इसलिए मिली कि वे अपनी असफलताओ से निराश नही हुए ।"
                             बी.सी. फोर्ब्स

Best Hindi quotes


"लक्ष्य ना ओजल होने पाये ।
    कदम मिला के चल ।
सफलता तेरे कदम छुएगी ।
आज नही तो कल ।।"

Hard Work

"जब मै थक जाता और थक कर रूक जाना चाहता था, तो मुझे उत्सुकता होती थी कि मेरा प्रतिद्वंद्वी इस समय क्या कर रहा होगा । जब मै सोच में देखता कि वह अभी भी प्रैक्टिस कर रहा है तो मै ओर मेहनत करता । और जब मै देखता कि वह थककर आराम कर रहा है तो मै और भी कडी मेहनत करने लगता ।"
              डाॅन  ( गैबल ओलंपिक मे कुश्ती मे स्वर्ण पदक विजेता )





"मै आधे दिन काम करना चाहता हूँ । मुझे इसकी कोई परवाह नही कि यह पहले के 12 घण्टे है या बाद के 12 घंटे ।"
                 - कैमंस विल्सन

हमेशा ध्यान रखिये कि आपका सफल होने का संकल्प का संकल्प किसी भी और संकल्प से महत्वपूर्ण है ।"
आप जितनी ज्यादा मेहनत करते है, उतने ही किस्मती बनते जाते है ।
               गैरी प्लेयर

एक आदमी अपने काम मे अपनी शक्ति ( Power ) और योग्यता ( Ability ) का केवल 25 % ही इस्तेमाल करता है। दुनिया उन लोगो का सम्मान करती है जो अपनी 50 %   Ability तक का इस्तेमाल करते है और उन गिने चुने लोगो को सिर आँखो पर बिठाती है, जो अपनी क्षमता का 100 फीसदी इस्तेमाल करते है।
                         एंड्रयू कार्नेगी


"आलोचक वो होता है जो दाम तो हर चीज का जानता है , लेकिन उन चीजो का महत्व नही ।"
                        आस्कर वाइल्ड

Time Management

अपना अमूल्य समय व्यर्थ की बातो मे बर्बाद न करे उससे तो अच्छा है कि 2 घंटे नींद ले लो क्योंकि व्यर्थ की बातो से आपका मन खराब हो जाएगा और दो घंटे नींद लेने से आपका तन तंदुरूस्त हो जाएगा ।
                        स्वामी रामसुखदास

" सुबह बनने के लिए हर शाम को ढ़लना होता है ।
बनने के लिए मोती बर्फ को पिघलना होता है ।
हाथ पर हाथ धर कर ही बैठे मत रहो तुम ।
पाने के लिए मंजिल हर इंसान को चलना होता है ।।"



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दोस्तो life मे प्रत्येक व्यक्ति success होना चाहता है और वह चाहता है कि वो हमेशा सफल ही होता रहे जो कि बहुत मुश्किल है ।  हम आज  " ...