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कविता - महिलाओ से | Women poem

महिलाओ के लिए प्रेरणादायी कविता

Women-poem


हर दिन सड़को पर मचली जाती हो ।
सिर्फ सिसकियाँ भर रह जाती हो ।।
फिर भी कहती अबला नही, हम है सबला ।
क्यों ओढ रखा है कायरता पर वीरता का चौला ।।


तुम्ही लक्ष्मी बाई, तुम्ही हो कर्मावती ।
तुम्ही महारानी पद्मिनी ,तुम्ही हो हाड़ी रानी ।।
क्यो सहती हो अन्याय को ।
क्यो मचली जाती हो नामर्दो के हाथो ।।


चुप बैठे ना काम चलेगा, कर्मावती बनना होगा ।
महिषासुरो का बढ गया है अन्याय, दुर्गा बनना होगा ।
आँखो मे वो ज्वाला जगानी होगी ।
पापियों के नाश  के लिए , तलवार उठानी होगी ।।


उतार फेको यह दिखावे का चौला ।
तोड डालो सामने उठती हर अँगुली ।।
फोड़  डालो हर वो  आँख ।
जिसमे हो वासना की आग ।।


           विरम सिंह

हिन्दी कविताएँ

4 comments:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शुक्रवार 23 सितम्बर 2016 को लिंक की गई है.... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  2. धन्यवाद यशोदा जी

    ReplyDelete
  3. Hello ji.
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    Isme top me search button kaise add karu.

    ReplyDelete
  4. sanarika ji aap apne blog ke layout pr click kijie usme aap jahan pr search box lgana chahte hai waha pr gadget jode par click kijie or blog khij (blog search) pr click kijie or use done kr dijie....
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    ReplyDelete