आरक्षण का भुक्तभोगी हिन्दी कहानी


Story On Reservation Policy
हिन्दी कहानी " आरक्षण का भुक्तभोगी  "

'Good Morning Sir ' चपरासी ने विनम्रता के साथ  Files को Set कर रहे बड़े साहब का अभिवादन किया ।
'Good Morning , और रामलाल क्या हालचाल है? ' अपनी नजर उठाये बिना ही सिंह साहब ने पूछा ।
'सब ठीक है साहब! हमारे जिले के कलेक्टर साहब Transfer हो गया है ।'  रामलाल ने जानकारी देते हुए कहा ।
' क्या? कौन आया है अब उनकी जगह ' सिंह साहब ने आश्चर्य से पूछा ।
' कोई वर्माजी है साहब । '

reservation


'अच्छा ठीक है तुम जाओ और सुनो आज का अखबार चेम्बर मे पहुंचा देना ।' सिंह साहब ने आदेश देते हुए कहा ।
'जी साहब '
सिंह साहब अपने काम मे Busy हो गये और Table पर बिखरी फाइलों को निपटाने लगे।
इतने मे रामलाल अखबार लेकर आ गया और  पेपर Table पर रख कर चला गया ।

सिंह साहब फाइलों के ढेर से अपने आप को बाहर निकाल कर अखबार पढने लगे ।
' अरे यह क्या ? इसे तो मै जानता हूँ ।' अखबार मे छपी Photo देखकर मन ही मन कहा ।

स्मृति पटल पर पुराने दृश्य उभर कर सामने आने लगे । बचपन मे हम दोनो साथ ही पढते थे और हमेशा साथ साथ स्कूल जाते थे । हम दोनो के हालात एक जैसे ही थे । पर वर्माजी की जाति आरक्षण पाने वाली मे से थी इसलिए उसे Government की तरफ से Help भी मिलती थी। लेकिन मुझे कुछ नही मिलता था क्योंकि मे General Category से था ।

12 वी की परीक्षा First Division से Pass करने के बावजूद शहर की College मे प्रवेश नही मिला । जबकि वर्माजी के काम Marks के बावजूद selection हो गया ।

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उस वक्त मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ ऐसा क्यो?
तब मेरा आरक्षण से पहली बार सामना हुआ   । उसके बाद तो यह सिलसिला चलता ही रहा । अच्छे Marks आने के बावजूद भी न कोई Government की तरफ से छात्रवृति मिलती और न कोई सरकारी नौकरी मे फायदा मिलता । लेकिन आरक्षण से कम अंक वाले आगे आने लगे और Government Job पाने लगे ।

कडी मेहनत और नियमित परिश्रम से RAS Exam मे अच्छे अंक प्राप्त करने के बाद भी Selection नही हुआ और वर्माजी का आरक्षण ( Reservation ) की वजह से कम नंबर आने के बाद भी सलेक्शन हो गया।
योग्यता होने के बावजूद वे सिर्फ एक सरकारी बाबू बन कर रह गए । और कई सालो से प्रमोशन नही हुआ लेकिन वर्माजी Promotion से कलेक्टर बन गये ।

अखबार मे छपी अपने बचपन के दोस्त की Photo देखकर मन ही मन खुश हो रहे थे कि   उनका Friends आज बडी पोस्ट पर पहूँच गया ।
लेकिन एक ओर यह सोच कर दुखी हो रहे थे कि इस देश का क्या हाल होगा ?

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जब कम नंबर वाले अफसर बन रहे है और ज्यादा नंबर वाले बेरोजगार घुम रहे है।
जहाँ देखो वहा Reservation का ही बोलबाला है।  सिंह साहब मन ही मन इस व्यवस्था को कोसने लगे ।
फोन की घंटी के साथ ही स्मृति से बाहर आए और Phone Received किया " हैलो "
' हैलो, पापा मै बोर्ड परीक्षा मे जिले मे प्रथम स्थान पर आया हूँ '  सिंह साहब के बड़े बेटे हनी ने उत्साह के साथ जानकारी दी ।
' बहुत अच्छा, शाबास बेटा' कहकर सिंह साहब ने फोन काट दिया ।

मन ही मन कहने लगे ' बेटा मै जानता हूँ मै आरक्षण का भुक्तभोगी हू मुझे पता है कि क्या फायदा मेरिट मे आने का । आरक्षण प्रतिभा को दबा देगा कभी आगे बढने नही देगा और बेटा तुम्हे इसका आभास हो जाएगा ।
खैर जो होगा देखा जायेगा  । बेटा तुम Success हो और आशा करूगा की तुम "आरक्षण के भुक्तभोगी " न बनो ।
दिल से बेटे को दुआ देते हुए सिंह साहब फाइलों के साथ माथापच्ची करने लगे ।


दोस्तो आपको हमारी यह " आरक्षण का भुक्तभोगी" कहानी कैसी लगी और आपके आरक्षण पर क्या विचार है comments box मे जरूर बताय और यदि अच्छी लगे तो अपने दोस्तो के साथ जरूर share करे ।


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दीपावली पर निबंध | Essay On Deepawali In Hindi


दोस्तो हमारा देश पर्व और त्योहारों का देश है । यहा पर Everyday कोई न कोई Festival जरूर Celebrate किया जाता है।
Friends Festival हमारे मन मे उमंग और उत्साह का संचार करते है। India मे हिन्दू हो या मुसलमान या जैन सभी धर्म के उत्सव हर्षोल्लास से मनाते है ।
होली, दीपावली, रक्षाबंधन, आखातीज, करवा चौथ, कजली तीज, जन्माष्टमी, गणगौर आदि हिन्दुओ के प्रमुख त्योहार है । इनके अलावा भी बहुत से Festival Celebrate किए जाते है ।
दीपावली हिन्दुओ की Most festival है । आज हम दीपावली पर सम्पूर्ण जानकारी देगे।

deepawali kyu manate hai


दीपावली पर निबंध 

     In This Post
1. दीपावली क्यों मनाई जाती है? Diwali Kyo Manate Ha?
2. दीपावली कब मनाई जाती है? When Diwali Celebrate?
3. दीपावली कैसे मानते है? How To Celebrate Diwali?
4. दीपावली का महत्व।


1. दीपावली क्यों मनाई जाती है? Diwali Kyo Manate Hai?

      Friends कई लोगो के मन मे questions होगा कि दिवाली क्यों मनाई जाती है ? तो आपके सवाल का जवाब अब मिल जाएगा।
दिवाली मनाने के पीछे एक बहुत बडा कारण है ।
दिवाली क्यों मनाते है?
      रामायण काल की बात है । जब प्रभु श्रीराम लंका नरेश रावण का वध करके और 14 वर्ष का वनवास पूर्ण करके जब अयोध्या वापिस लौटे थे तब अयोध्या वासियों से खुशी से पुरे अयोध्या नगर को दीपक से सजा दिया । और चारो दीपक ही दीपक थे और उनका प्रकाश से पुरा नगर जगमगा गया। इस कारण हम इस को दीपावली या दिवाली कहते है।

   भगवान श्रीराम के पिता के दिए वचन निभाने के लिए 14 वर्ष का वन मे व्यतीत किए वो हमारे सामने पितृभक्ति का अनूठा उदाहरण है । श्री राम के अयोध्या लौटने की खुशी मे हि दीपावली ( Deepawali ) का त्योहार मनाया जाता है।

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दीपावली कब मनाई जाती है?

      Friends Diwali Festival प्रतिवर्ष कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है । कहा जाता है कि जब भगवान अयोध्या पधारे थे, तब अमावस्या थी और दीपकों की रोशनी से अमावस्या की रात्रि को पूर्णिमा की रात्रि बना दिया ।
विशेष :- दोस्तो इस बार की दीपावली  कार्तिक मास की अमावस्या दिनांक 30 अक्टूबर , 2016  को मनाई जाएगी ।

दीपावली कैसे मनाते है?

     दिवाली को बड़े ही शानदार तरीके से Celebrate किया जाता है।  दिवाली की रात्रि ( अमावस्या की रात्रि ) को सभी लोग अपने घरो को दीपकों की रोशनी से सजाते है। 
युवा इस दिन पटाखे उर आतिशबाजी करके श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी मनाते है। इस दिन विशेष पूजा पाठ भी किया जाता है।



दीपावली का महत्व

      Friends दिवाली का पर्व अपने आप मे एक प्रेरणादायी त्यौहार है । जब दीपक की रोशनी से सारा आसमान जगमगाता है तो मन मे एक नवीन प्रकार की ऊर्जा का संचार होता है जो की Body और Mind दोनो के लिए Useful होती है।
दिवाली के दिन सभी भाई लोग आपस मे मिलते है जिससे भाईचारा बढता है ।
दीपावली धर्म पर चलने का तथा अपने वचन को निभाने का हौसला बुलंद करती है ।

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दीपावली पर मनाए जाने वाले त्यौहार


      दोस्तो Diwali तो कार्तिक अमावस्या को मनाई जाती है । लेकिन इससे Related ओर भी त्यौहार मनाए जाते है - 

  नवरात्रा
          दिवाली से 20 दिन पहले अश्विन शुक्ल पक्ष एकम् से नवम तक देवी के नौ रूपो की पूजा की जाती है। 

   विजयादशमी
          अश्विन शुक्ल पक्ष दसम् को विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है । इस दिन श्रीराम ने रावण का वध किया था इसलिए इस दिन रावण, कुम्भकर्ण और इन्द्रजीत के पुतले जलाए जाते है । 

    धनतेरस
        इस दिन धन की देवी लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना की जाती है । यह त्यौहार कार्तिक कृष्ण पक्ष की 13  को मनाया जाता है। इस दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है ।

     रूप चतुर्दशी
   यह त्यौहार दिवाली से एक दिन पहले कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की 14 को मनाया जाता है। इस को छोटी दीपावली भी कहते है ।
इस दिन स्त्रियाँ सुबह जल्दी उठकर स्नान करती है और सुन्दर रूप की कामना करती है ।

 गोवर्धन पूजा
   जब इन्द्र देव ने गोकुलवासियों से नाराज होकर उन्हे सबक सीखाने के लिए जोरदार बारिश की तब श्री कृष्ण ने अपनी एक अगुंली पर गोवर्धन पर्वत को उठा कर गोकुल के लोगो की रक्षा की थी । इसलिए इस दिन को गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है।
यह पूजा कार्तिक शुक्ला एकम् को की जाती है । 


    भैयादूज
         भाई - बहन का त्यौहारी भैयादूज कार्तिक शुक्ला द्वितीया को मनाया जाता है ।
   
    
दोस्तो आपको हमारा यह " दीपावली पर निबंध " Post कैसी लगी । यदि आपके पास भी दीपावली से जुडी कोई कहानी हो तो हमारे साथ comments box मे जरूर share करे ।


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दोस्तो हमारा देश पर्व और त्योहारों का देश है । यहा पर Everyday कोई न कोई Festival जरूर Celebrate किया जाता है। Friends Festival हमार...

दोस्तो पर शायरी | friends kaise ho hindi quotes


दोस्तो friendships दुनिया मे सबसे शक्तिशाली word है   दोस्ती के लिए लोग अपनी जान की बाजी लगा देते है । श्री कृष्ण और सुदामा की दोस्ती की मिसाल आज भी लोग देते है ।
Friends आज हम इस post मे कुछ दोहे , shayari, quotes प्रस्तुत कर रहे है जिनके अनुसार दोस्त कैसे हो ? कैसे को दोस्त नही बनाए ? दोस्ती कैसी हो ?

Friendships पर Quotes, Shayari

Friends kaise ho

दोस्त कैसे हो ? Friends kaise ho

"मुख मीठा सज्जन घणा मिल जा मित्र अनेक,
काम पड्यां कायम रहे सो लाखन मे एक ।"

कभी जीवन मे ऐसा वक्त आ जाए कि तुम्हारा कोई भी न बचा हो ऐसे मे जो तुम्हारे काम आ जाए वही वास्तविक मित्र है ।

     "मित्र ऐसा कीजिए, ढाल सरीखो होय ।
   दुख में तो आगे रहे, सुख मै पाछो होय ।।"
अर्थात मित्र ढाल के समान होना चाहिए जो भले ही पीठ पर रहे पर संकट के समय में हमारी रक्षा के लिए आगे होता जाये ।

राजस्थानी साहित्य मे नीतिगत सीख

कैसे मित्र नही करने चाहिए ।( Kaise Friends Nahi Banane Chaie )


     " स्वार्थी और कपटी मित्र से अच्छा है  बिना मित्र के ही रहा जाए ।"

" सिंहन के वन में वसिये, जल में घुसिये, कर में बिछुलीजे ।
कानखजुरे को कान मे डारि के, सांपन के मुख अगुंली दीजे ।।
भूत पिशाचन में रहिये अरू जहर हलाहल घोल के पीजे ।
जो जग चाहै जिओ रघुनन्दन, मुरख मित्र कदे नही कीजे ।।"

सांप, बिच्छु और कानखजुरे उतने खतरनाक नही होते और जहर भी उतना नुकसानदेह नही होता है जैसा मूर्ख मित्र ( friends )।
मूर्ख मित्र की बजाय बुद्धिमान दुश्मन कही ज्यादा अच्छा होता है । इसलिए कहते है -
" सांड के अगाडी से खतरा , गधे के पिछे से खतरा पर मुर्ख मित्र के तो चारो ओर से खतरा है ।

ओशो के अनमोल विचार

friendship कैसी हो ?

       दोस्त हो कृष्ण सुदामा जैसी हो । जिसमे श्री कृष्ण राजा होने के बावजूद सुदामा के चरण धोए और आदर सम्मान देकर एक friend

I am Flowers, My Rose is you.
I am Diamond. My Kohinoor is you.
I am Sky, My Moon is you.
I am River , My Boat is you.
I am just Friend but best Friend is you .


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दोस्तो friendships दुनिया मे सबसे शक्तिशाली word है   दोस्ती के लिए लोग अपनी जान की बाजी लगा देते है । श्री कृष्ण और सुदामा की दोस्ती की...

आत्मविश्वास की शक्ति | Power Of Self Confidence


Friends इस दुनिया मे सब Success होना चाहते है लेकिन क्या आप जानते है Success होने के लिए क्या जरूरी है ? 
Success होने के लिए self confidence कैसे आवश्यक है ?
Self Confidence से क्या हो सकता है ? 

आप के इन सभी प्रश्नो के उत्तर छिपे है इस कहानी मे  तो आप यह Story carefully read किजिए आपको अपने all questions के answers  मिल जाऐंगे ।

Power Of Self Confidence 


एक समय की बात है । एक राजा पर किसी दूसरे राजा ने हमला बोल दिया । जिस राजा ने हमला किया वो बहुत Powerful  था। सेनापति ने राजा को Advice दी कि - महाराज! आत्मसमर्पण  (surrender ) कर दीजिए क्योंकि सामने वाली Army हमसे दुगुनी है। शस्त्र और हथियार भी अपने से ज्यादा Fast है। वे ज्यादा प्रशिक्षित सैनिक  ( Trained soldier )  है ।

power of self confidence


राजा को भी लगा कि सेनापति ( Commander )  ठीक कह रहा है, जब सेनापति ही ठंडा पड रहा है तो अपनी बंदूक किसके उपर रखेगा? आत्मसमर्पण की बात आ गई राज्य मे ढिंढोरा पीट दिया गया कि surrender कल सुबह होगा । तभी साँझ को एक संत आए । संत ने राजमहल मे खडे होकर कहा - महाराज , यह मै क्या सुन रहा हूँ कि आप आत्मसमर्पण कर रहे है ? मरने से पहले मर रहे है आप।

प्रेरणादायी कहानियाँ Motivational story

राजा ने कहा - आप कहना क्या चाहते है?
संत ने कहा - राजन्! मै अभी अभी देवी के मंदिर से आ रहा हूँ । देवी ने मुझे आशीर्वाद दिया है और कहा कि जाओ , राजा से कह दो कि मेरा आशीर्वाद तेरे साथ है । तू लडाई कर , युद्ध मे विजय तेरी होगी ।

राजा ने सोचा कि यह देवी के आशीर्वाद का प्रसंग कहा से आ गया?
राजा संत से बोले - क्या सबूत ( Evidence )  है आपके पास कि आप देवी का आशीर्वाद लेकर आये हो , कही मै मारा गया तो? कही यह सेना पीछे हट गई तो? राजा ने जैसे ही आशंका जताई कि सेनापति ने भी अपनी तरफ से comment किया । 

संत ने कहा - ठहरो, मेरे पास एक सिक्का ( coin ) है अभी वो सिक्का उछाल कर देख लेते है। अगर सिक्का सीधा गिरा तो तुम जितोगे और अगर सिक्का उल्टा गिरा तो तुम हारोगे ।

बात पक्की हो गई । संत ने हाथ सीधा जेब मे डाला और सिक्का निकाल कर सिक्का आसमान मे उछाला। सिक्का जैसे ही जमीन पर गिरा तो संत ने ताली बजा दी और कहा कि देखो , सिक्का सीधा गिरा है। 

Commander ने कहा - भले ही coin सीधा गिरा हो पर मै सहमति नही रखता उस सामने वाले से मुकाबला करने के लिए।
संत ने गरजकर कहा - हट रे सेनापति! बुजदिल कही का । अरे तेरे भरोसे कोई युद्ध जीते जाएँगे?
कायरता और नपुंसकता के सहारे कोई लड़ाई जीती जा सकती है?
हटो! मै बनता हूँ सेनापति, आओ हम लोग युद्ध के लिए रवाना होते है । 

राजा ने पूछा - आप तो संत हो , आपने तलवार कभी हाथ मे उठाई भी है ?
संत ने कहा - इसका निर्णय युद्ध के मैदान मे होगा ।
        
संत को सेनापति बना दिया गया संत चढ गया रथ पर । गुल्ली डंडा भी खेलना आता नही होगा , पर जोश जगा दिया सेना मे और निकल पडी सेना कि देवी का आशीर्वाद साथ मे है । अब तक तो सेनापति की बुजदिली साथ मे थी । 

सेना रणक्षेत्र मे पहुंची भी नही थी कि संत ने कहा - ठहरो , मै देवी के मंदिर मे यज्ञ कर लेता हूँ , पूजा अनुष्ठान कर लेता हूँ और फिर तुम लोगो को बता देता हूँ कि यहाँ पर भी देवी का आशीर्वाद क्या है ? बस उसने यज्ञ किया । फिर उसने वही सिक्का निकाला। सेना पुरी उत्सुकता से तैयार होगा गई , सिक्का उछाला गया और जैसे ही सिक्का आ कर गिरा , सिक्का सीधा गिरा और पूरी सेना मे जोश जंग गया किया देवी भी हमारे साथ है , सारे देवता भी हमारे साथ है।

     सभी युद्ध के मैदान मे पहुंच गए, सामने इतनी भयंकर सेना को देखकर, एक बार तो सभी काँप गए । संत को भी लगा कि शायद कुछ गडबड हो रहा है।
उसने कहा - ठहरो, एक बार फिर सिक्का उछालकर देख लेते है ताकि मन की शंका निकल जाए और उसने युद्ध के मैदान मे फिर सिक्का उछाला । सिक्का फिर सीधा गिरा। जैसे ही सैनिको ने देखा कि अब भी देवी माँ का आशीर्वाद हमारे साथ है, सेना मे चार गुनी ताकत आ गई और भिड़ पड़े । 

लोग समझ रहे थे महीनो युद्ध चलेगा पर सूर्यास्त नही हुआ । उसके पहले जीतकर लौट आए ।
          
संत की जय जयकार होने लगी । संत वापस आया और राजा का अभिवादन किया । राजा ने कहा - सब देवी माँ की कृपा है ।
संत ने कहा - राजन् ! यह देवी माँ की कृपा से ज्यादा सैनिको के भीतर आत्मविश्वास ( Self Confidence ) और जोश का Results है । 

राजा बोले - तुम कहना क्या चाहते हो ?
संत ने जेब मे हाथ डाला , सिक्का निकाला, फिर उछाला, सिक्का सीधा आकर गिरा । संत ने राजा से कहा - राजन्! सिक्का लो हाथ मे और उछालो । राजा ने सिक्का सीधा गिरा । राजा ने सैनिको को सिक्का दिया उन्होंने भी उछाला तो भी सिक्का सीधा गिरा । सब लोग भौचक्के रह गए । 

संत ने रहस्य ( secret) खोला और कहा - सिक्के को जब भी गिराओगे यह सीधा ही गिरेगा क्योकि इसमे उल्टे वाला भाग है ही नही ।
इधर भी सीधा है और उधर भी सीधा है , अब तुम उल्टा लाओगे कहाँ से ।

शिक्षा Moral
      सफलता ( Success ) का एक ही secret है अपना सिक्का हमेशा सीधा रखो ।  अर्थात हमेशा कैसी भी समस्या हो confidence के साथ उसका सामना करना चाहिए । Success होने के लिए  self confidence बहुत जरूरी है ।

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नवाबजादा, सहजादा और हरामजादा हिन्दी कहानी


Hindi Motivational story 


एक समय एक राजकुमार कही जंगल मे घूमने गया । अकेला था , उसे प्यास लगी तभी एक कुआ दिखाई दिया वह वहाँ गया लेकिन वहाँ जाके बैठ गया सोचा कोई आयेगा तो पानी पिला देगा , मुझे तो बस Order देना है । क्योंकि मै स्वयम् कुएँ से पानी निकालूं तो मेरी  शान कम हो जाएगी क्योंकि मै तो नवाबजादा हूँ ।



थोडी देर मे एक व्यक्ति और आया वो भी प्यासा था लेकिन बाल्टी ,कुआ देखकर वो भी बैठ गया नवाबजादा बोला अरे भाई! जरा पानी पिलाना ।
वह आदमी बोला तुम स्वयँ उठ के पी लो ।
राजकुमार बोला मै नही पी सकता क्योंकि मै पानी कुएँ से नही निकाल सकता ।
उस व्यक्ति ने पूछा क्यो ?
राजकुमार बोला क्योंकि मे नवाबजादा हूँ ।
वह व्यक्ति बोला तो पानी तो मुझे भी पीना है पर मै भी कुएँ से पानी नही निकाल सकता क्योंकि मै सहजादा हूँ
मै अगर पानी की बाल्टी भरूंगा तो मेरी नाक नीची हो जाएगी ।

दोनो बैठ गए तभी वहाँ एक गरीब व्यक्ति लेकिन शरीर का हट्ठा - कट्ठा था आया उसे भी प्यास लगी थी उसने तुरंत बाल्टी उठायी रस्सी पकडी और बाल्टी कुएँ मे डाली पानी निकाला पिया।

 इतने मेल नवाबजादा और सहजादे ने कहा अरे भाई हमको भी पानी पिला दो , हम भी प्यासे है । वह जवान व्यक्ति बोला आप तो यहाँ पहले से मौजूद है , आपने पानी क्यो नही पिया ?

उन्होंने उत्तर दिया पानी पीये कैसे मै नवाबजादा हूँ और ये सहजादा है । हम पानी की बाल्टी नही खींच सकते क्योंकि हमने कभी पानी की ग्लास भी नही भरी है ।

तो उस जवान व्यक्ति ने कहा अच्छी बात है । अब तो मै भी तुम्हे पानी नही पिलाऊंगा, क्योंकि तुम हो नवाबजादा और यह सहजादा वह बाल्टी कुए मे गिराकर बोला और मै हू हरामजादा तुम आलसी लोगो के लिए यही सजा है ।

शिक्षा  Moral

   जो व्यक्ति आलसी होता है वह सरोवर के तट पर भी बैठकर प्यासा रह जाता है और हमेशा हमेशा के लिए उसके जीवन मे सफलता के द्वारा बंद हो जाते है ।

इसलिए आलस्य न करे । अपने काम नियत समय पर करे और स्वयँ करने मे नि हिचकियाए ।

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[ज्ञान द्रष्टा: रामायण की प्रेरणादायी कहानी | Ramayana Inspiring Story In Hindi]


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Hindi Motivational story  एक समय एक राजकुमार कही जंगल मे घूमने गया । अकेला था , उसे प्यास लगी तभी एक कुआ दिखाई दिया वह वहाँ गया लेकिन व...

सकारात्मक सोच का महत्व | power of positivity


Friends प्रत्येक व्यक्ति इस दुनिया मे व्यक्तित्व निर्माण करना चाहता है, लेकिन वह अपनी मजबूरियाँ गिनाकर अपने आप को एक असमर्थ व्यक्ति के रूप मे प्रस्तुत करता है, और यह मजबूरियाँ क्या हो सकती है ? आप जरा सोचे ! व्यक्ति कहता है कि मै क्या करू, मेरा परिवार मेरा साथ नही देता , मेरे पास money नही है , मेरे पास कला नही है आदि आदि .....

positivity


लेकिन क्या आपको यह सब बहाने निराधार नही लगती ? क्योंकि इस दुनिया मे महान व्यक्तित्व का निर्माण करने वाले या सफलता प्राप्त करने वाले लोग इस सारी परिस्थतियों  का सामाना कर के ही महान व सफल व्यक्ति बने है ।

इस दुनिया मे यदि आपको कुछ भी बनना है तो  उसके लिए किसी भी प्रकार की प्रतिकूलता स्वीकार कर लो पर शर्त यह है कि आपका नजरिया अनुकूल होने चाहिए । अर्थात आपकी सोच सकारात्मक होनी चाहिए। जिस व्यक्ति की सोच सकारात्मक होती है वह व्यक्ति इस दुनिया मे बड़ी से बडी जंग जीत सकता है । जिसकी सोच सकारात्मक है वह कई बार हार के भी नही हारता आशावादी बनो और अपनी Life मे सफलता हासिल करो ।

दृष्टांत
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         एक आदमी के जिन्दगी की कहानी बडी मशहूर है। यह आदमी 21 साल की उम्र मे बिजनेस मे नाकामयाब हो गया, 22 साल की उम्र मे वह एक चुनाव हार गया , 24 की उम्र मे उसे व्यापार मे फिर असफलता मिली, 26 साल की उम्र मे उसकी पत्नी मर गई , 27 साल की उम्र मे उसका मानसिक संतुलन बिगड गया , 34 साल की उम्र मे वह कांग्रेस का चुनाव हार गया , 45 साल की आयु मे उसे सीनेट के Election मे हार का सामना करना पड़ा , 47 साल की उम्र मे वह उपराष्ट्रपति बनने मे असफल रहा , 49 साल की आयु मे उसे सीनेट के एक और चुनाव मे नाकामयाबी मिली और वही आदमी 52 साल की आयु मे अमेरिका का राष्ट्रपति चुना गया । वह आदमी अब्राहम लिंकन था ।

क्या आप लिंकन को असफल मानेंगे ? वह शर्म से सिर झुका कर मैदान से हट सकते थे, और अपनी वकालत फिर शुरू कर सकते थे, लेकिन लिंकन के लिए हार केवल भटकाव थी , सफर का अन्त नही ।

आपकी सोच ही आपको सुखी करती है , और आपकी सोच ही आपको दुःखी करती है ।

दुनिया आपकी मुट्ठी मे आ जाए उसके लिए कोई तंत्र मंत्र नही है या कोई ऐसा जादू नही हो सकता जिससे दुनिया आपकी मुट्ठी मे आ जाये लेकिन यह आपका सपना जरूर हो सकता है। अगर आप अपने सपने को संकल्प मे बदल दे तो जरूर दुनिया आपकी मुट्ठी मे होगी .........

  जो आप है और जो आप होगे , सपने उसका अंतराल है ।

धीरूभाई अंबानी ने भारत को डिजिटल करने का सपना देखा था। धीरूभाई का सपना था कि मै india के हर नागरिक के हाथ मे mobile phone देखूं और वह इसके द्वारा 1 मिनट की बात 1 रूपये से भी कम मे कर सके , और आज वह दिन आ गया है । लेकिन यहाँ जो महत्वपूर्ण बात है जो यह है कि रिलायंस कम्पनी के मालिक धीरूभाई ने जब यह सपना देखा था तब 1 मिनट की काल के 16 रूपये लगते थे ।



इसी तरह जब हर उत्पाद , सेवा और मद दिनो दिन महँगे होते जा रहे थे , तब रतन टाटा ने एक लाख रुपए की कार का सपना देखा था और नेनो को सामने लाकर उन्होने इस सपने को साकार भी कर लिया ।
हमे सपने देखने चाहिए । लेकिन यहाँ जो बात महत्वपूर्ण है, वह यह है कि इन सभी महान स्वप्नद्रष्टाओं ने इन सपनो को सर्वोतम काल और परिस्थतियों मे नही बल्कि बड़े कठिन समय मे देखा था ।
आप कठिन दिनो का सामना कर सकते है । आप कठिन दिनो से दो दो हाथ भी कर सकते है । लेकिन सपने जरूर देखे । जो आप है और आप होंगे , सपने उसका अंतराल है ।

मानव मन मे जो कल्पना कर सकता है , वह जो विश्वास कर सकता है , उसे प्राप्त भी कर सकता है। आपको कुछ करने की शक्ति दिए बिना , ईश्वर आपको उसे करने का विचार भी नही देता । 
सकारात्मक सोच और सपने को पुरा करने का जुनून आपको सफल बनाता है ।


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Friends प्रत्येक व्यक्ति इस दुनिया मे व्यक्तित्व निर्माण करना चाहता है, लेकिन वह अपनी मजबूरियाँ गिनाकर अपने आप को एक असमर्थ व्यक्ति के रू...

सफलता और मेहनत पर अनमोल कथन | success quotes in hindi

दोस्तो life मे प्रत्येक व्यक्ति success होना चाहता है और वह चाहता है कि वो हमेशा सफल ही होता रहे जो कि बहुत मुश्किल है । 
हम आज  " सफलता, मेहनत और समय " पर प्रसिद्ध कथन post कर रहे है जो आपको जरूर पंसद आऐगे ।
दोस्तो बिना मेहनत और समय प्रबंधन के सफलता नही मिल सकती  । 

Success, Hard Work, Time Management

Motivational quotes


"इतिहास बताता है कि बड़े- बडे विजेताओ को भी जीत से पहले हताश कर देने वाली बाधाओं का सामना करना पड़ा । उन्हे जीत इसलिए मिली कि वे अपनी असफलताओ से निराश नही हुए ।"
                             बी.सी. फोर्ब्स

Best Hindi quotes


"लक्ष्य ना ओजल होने पाये ।
    कदम मिला के चल ।
सफलता तेरे कदम छुएगी ।
आज नही तो कल ।।"

Hard Work

"जब मै थक जाता और थक कर रूक जाना चाहता था, तो मुझे उत्सुकता होती थी कि मेरा प्रतिद्वंद्वी इस समय क्या कर रहा होगा । जब मै सोच में देखता कि वह अभी भी प्रैक्टिस कर रहा है तो मै ओर मेहनत करता । और जब मै देखता कि वह थककर आराम कर रहा है तो मै और भी कडी मेहनत करने लगता ।"
              डाॅन  ( गैबल ओलंपिक मे कुश्ती मे स्वर्ण पदक विजेता )





"मै आधे दिन काम करना चाहता हूँ । मुझे इसकी कोई परवाह नही कि यह पहले के 12 घण्टे है या बाद के 12 घंटे ।"
                 - कैमंस विल्सन

हमेशा ध्यान रखिये कि आपका सफल होने का संकल्प का संकल्प किसी भी और संकल्प से महत्वपूर्ण है ।"
आप जितनी ज्यादा मेहनत करते है, उतने ही किस्मती बनते जाते है ।
               गैरी प्लेयर

एक आदमी अपने काम मे अपनी शक्ति ( Power ) और योग्यता ( Ability ) का केवल 25 % ही इस्तेमाल करता है। दुनिया उन लोगो का सम्मान करती है जो अपनी 50 %   Ability तक का इस्तेमाल करते है और उन गिने चुने लोगो को सिर आँखो पर बिठाती है, जो अपनी क्षमता का 100 फीसदी इस्तेमाल करते है।
                         एंड्रयू कार्नेगी


"आलोचक वो होता है जो दाम तो हर चीज का जानता है , लेकिन उन चीजो का महत्व नही ।"
                        आस्कर वाइल्ड

Time Management

अपना अमूल्य समय व्यर्थ की बातो मे बर्बाद न करे उससे तो अच्छा है कि 2 घंटे नींद ले लो क्योंकि व्यर्थ की बातो से आपका मन खराब हो जाएगा और दो घंटे नींद लेने से आपका तन तंदुरूस्त हो जाएगा ।
                        स्वामी रामसुखदास

" सुबह बनने के लिए हर शाम को ढ़लना होता है ।
बनने के लिए मोती बर्फ को पिघलना होता है ।
हाथ पर हाथ धर कर ही बैठे मत रहो तुम ।
पाने के लिए मंजिल हर इंसान को चलना होता है ।।"



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दोस्तो life मे प्रत्येक व्यक्ति success होना चाहता है और वह चाहता है कि वो हमेशा सफल ही होता रहे जो कि बहुत मुश्किल है ।  हम आज  " ...

संत कृपाराम जी के अनमोल वचन | Saint kriparam quotes in hindi

Friends आज हम संत कृपाराम जी महाराज के अनमोल वचन post कर रहे है जो आपको जरूर पंसद आऐगे और इससे आप motivated भी होगे ।

संत कृपाराम के अनमोल कथन

Saint Kriparam quotes in hindi

"यह सत्य है कि प्रत्येक व्यक्ति असफलता के दौर से गुजरता है, पर यह भी सत्य है कि असफलता के पीछे ही सफलता छुपी होती है । बस अन्तर इतना है कि सकारात्मक सोच वाला व्यक्ति उसे "खोज" लेता है और नकारात्मक सोच वाला व्यक्ति उसे "खो" देता है ।"
                   कृपाराम

"सकारात्मक सोच वाला व्यक्ति जीवन मे असफल तो हो सकता है पर वह असफलता पर रूकता नही है और नकारात्मक सोच वाला व्यक्ति सफल तो हो सकता है पर वह असफलता के अगले सौपान पर चढने की कोशिश ही नही करता है , जबकि अगला सौपान सफलता का ही होता है और वह सौपान सकारात्मक सोच के बल पर चढा जा सकता है ।"
                       संत  कृपाराम

20 motivational quotes in hindi 

"दिवार मे कील ठोकने के लिए हाथ मे हथौड़ा उठाना पडता है
याद रखिए तकिये से कभी कील नही ठोकी जाती "
                कृपाराम

"मुस्कान किसी के बाप की नही, अपने आप की होती है ।"
               कृपाराम

एक अच्छा मित्र कपूर के गुणों की तरह होता है जो जीता है
तब भी खुशबू देता है और जल जाता है
तब भी अपनी खुशबू छोड जाता है ।"
                   संत कृपाराम
3 प्रसिद्ध ट्रेवलर के अनमोल कथन | Motivational quotes in hindi

"लालची , कपटी और दगाबाज मित्रो की मित्रता की बजाय अकेले ही रहना अच्छा है ।"
                         संत कृपाराम

"Life and time are two great teachers.
Life teaches you the use of time and time teaches you the value of life........

समय हीरे, सोना, चांदी से भी महंगा है क्योंकि खोए हुए हीरे , पन्ने, सोना, चांदी को वापस प्राप्त किया जा सकता है, पर गया हुआ समय वापस प्राप्त नही किया जा सकता है ।
                      संत कृपाराम

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3 प्रसिद्ध ट्रेवलर के अनमोल कथन | Motivational quotes in hindi

    Hello friends 
27 सितंबर को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप मनाया जाता है । आज इस पर्यटन दिवस के मौके पर 3 प्रसिद्ध यात्रीयो के अनमोल कथन प्रस्तुत कर रहे है । 
आपको हमारी यह post जरूर पसंद आएगी ।




      मार्को पोलो के कथन

जो कुछ मैने देखा है उसका आधा भी बयां नही किया है , क्योंकि मै जानता हूँ कि मेरी बातों पर विश्वास नही किया जाएगा ।


लोग वही शब्द सुनते है जिनकी वो उम्मीद करते है । कहानी का असर कहने वाले के शब्दो पर नही, सुनने वाले के कानो पर निर्भर करता है ।


इस बात से कोई फर्क नही पडता कि आप कितना धीमे चल रहे है, जब तक कि आप चलते रहे ।


मेरा सबसे बुरा सपना यह ही है कि एक दिन मै नींद से जागूं और मुझे फिर से सामान्य जीवन जीना पडे ।



  क्रिस्टोफर कोलंबस के कथन


समुद्र हर आदमी को एक नया सपना देखने का साहस देता है कि जब आँख खुलेगी तो किनारा सामने होगा ।


अगर आप सूरज की रोशनी का पीछा करेंगे तो पुरानी अंधेरी दुनिया पीछे छूट जाएगी ।


अज्ञात स्थानो पर पहूँच ने मे कोई नक्शा, कोई गणित और होशियारी काम नही आती है ।


धन इंसानो को अमीर तो नही , लेकिन व्यस्त  जरूर बना देता है ।


किसी की मदद करने के लिए किसी उद्देश्य का होना जरूरी नही है । इसके लिए दिल से इच्छा होनी चाहिए ।


   इब्न बतूता के कथन

यात्राएँ आपको निशब्द बना देती है। मूक कर देती है , लेकिन इनसे आप आखिर मे कहानीकार बन जाते है ।


यात्राएँ अजनबी स्थानो पर आपका घर बना देती है । लेकिन आप अपने घर मे अजनबी हो जाते है ।


जो लोग ज्यादा जीवित रहते है वो बहुत देखते है और जो ज्यादा यात्राएँ करता है वो बहुत कुछ देखता है ।


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    Hello friends  27 सितंबर को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप मनाया जाता है । आज इस पर्यटन दिवस के मौके पर 3 प्रसिद्ध यात्रीयो के अनमोल कथन...

जब सीमा पर जवान शहीद हुआ होगा



कविता 




उस दिन आसमां भी बिलखा होगा,
जब सीमा पर जवान शहीद हुआ होगा ।


अस्ताचल को जाता भानू भी ठिठका होगा,
जब डोली मे बैठी बहना को शहीद भाई का मुँह दिखाया होगा ।।


आँगन मे बैठी बुढ़ी माँ का आँचल भी दुध से भीग गया होगा ,
जब शहीद जवान बेटे की देह को सीने से लगाया होगा ।।

काल भी अपने किए खोटे काम पर पछताया होगा ,
जब मेंहदी वाले हाथो ने अपनी माँग को मिटाया होगा ।


यमलोक में यमदेव भी चुपके चुपके बिलखे होंगे ,
जब दुध पीते बेटे ने शहीद पिता को अग्नि दी होंगी ।


उस दिन आसमां भी बिलखा होगा , 
जब सीमा पर जवान शहीद हुआ होगा ।

विरम सिंह सुरावा






कविता  उस दिन आसमां भी बिलखा होगा, जब सीमा पर जवान शहीद हुआ होगा । अस्ताचल को जाता भानू भी ठिठका होगा, जब डोली...

कविता महिलाओ से | Women poem


Women-poem


हर दिन सड़को पर मचली जाती हो ।
सिर्फ सिसकियाँ भर रह जाती हो ।।
फिर भी कहती अबला नही, हम है सबला ।
क्यों ओढ रखा है कायरता पर वीरता का चौला ।।


तुम्ही लक्ष्मी बाई, तुम्ही हो कर्मावती ।
तुम्ही महारानी पद्मिनी ,तुम्ही हो हाड़ी रानी ।।
क्यो सहती हो अन्याय को ।
क्यो मचली जाती हो नामर्दो के हाथो ।।


चुप बैठे ना काम चलेगा, कर्मावती बनना होगा ।
महिषासुरो का बढ गया है अन्याय, दुर्गा बनना होगा ।
आँखो मे वो ज्वाला जगानी होगी ।
पापियों के नाश  के लिए , तलवार उठानी होगी ।।


उतार फेको यह दिखावे का चौला ।
तोड डालो सामने उठती हर अँगुली ।।
फोड़  डालो हर वो  आँख ।
जिसमे हो वासना की आग ।।


           विरम सिंह

हिन्दी कविताएँ

हर दिन सड़को पर मचली जाती हो । सिर्फ सिसकियाँ भर रह जाती हो ।। फिर भी कहती अबला नही, हम है सबला । क्यों ओढ रखा है कायरता प...

5 reason books क्यों पढ़नी चाहिए


   किताब पढ़ने के कारण और फायदे

5 reason


आपने कई लोगो को देखा होगा जो अपने Busy schedule मे से भी  Time निकाल कर Books पढते है । क्या आप ने  सोचा है वो ऐसा क्यो करते है ? क्या उन्हे किताबो के पृष्ठ आकर्षित करते है ? इनके सब सब बातो का अनुमान तब तक आप नही लगा सकते जब तक आपने कोई अच्छी किताब पढी न हो ।

आज इस पोस्ट मे ऐसे कारण Reason की बात करेंगे जिस लिए Books पढनी चाहिए ।

1 विश्वसनीय जानकारी
        आज कुछ भी जानकारी प्राप्त करने के लिए हम Google Baba के पास जाते है । और हमे वहाँ से सभी Information मिल जाती है। लेकिन इसकी कोई गारंटी नही की वो जानकारी सही हो , क्योंकि Google पर जो जानकारी मिलती है वो किसी के लिखे हुए Blog से मिलती है । जो सही भी हो सकती है और गलत भी ।
Books को  प्रकाशक द्वारा सभी जानकारी सत्यता और प्रमाणिकता की कसौटी पर खरी उतरती है तब उसे प्रकाशित किया जाता है । किताब से मिलने वाली अधिकतम Information सही और विश्वसनीय होती है ।


 2  कल्पनाशक्ति का विकास
         जब हम film देखते है तो हमारी कल्पनाशक्ति का उपयोग नही होता है। film मे सभी पात्र को देख और सुन सकते है । लेकिन Books मे ऐसा नही होता है । Books पढने पर हमारा दिमाग imagine  करता है जिससे imagination power बढता है जो हमारे mind and memory के लिए आवश्यक है ।

3.  नया अनुभव 
          अलग अलग Books पढ़ने से अलग अलग अनुभव मिलते है। जैसे जैसे आप नई पुस्तक पढोगे तो आपको कोई नया अनुभव जरूर मिलेगा । 
 Books से हि कल्पनाशील दुनिया मे रहने का अनुभव प्राप्त कर सकते है इसे शब्दो के द्वारा व्यक्त करना मुश्किल है इसे तो खूद अनुभव करना चाहिए ।

4. प्रतिभाशाली लोग भी Books के दिवाने
      एक बार भारत के Primeminister श्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वे रात को सोने से पहले  किताब पढते है ।
स्वामी विवेकानंद जी , अब्राहम लिंकन उर नेल्सन मंडेला जिन्होंने अपने विचारो के दम पर दुनिया बदल दि सभी को अच्छे Books reader के रूप मे जाने जाते है ।

5.  जीवन के उदाहरण
      पुस्तके सबक सिखाने और motivated का अच्छा साधन है ।  अनुभव जीवन मे सफलता प्राप्त करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है । किताबो मे लेखक अपने जीवन के अनुभव भी लिखता है जो हमारे लिए बहुत काम के होते है । हम उन अनुभव से सीख ले कर life मे आगे बढ सकते है । 
आचार्य चाणक्य ने कहा है कि " यदि खुद के अनुभव से सीख लोगे तो जिन्दगी ऐसे ही निकल जाएगी , कुछ विशेष करना है तो दूसरो के अनुभव से सीख लिजिए ।


पुस्तके एक अच्छे दोस्त की तरह है । यदि आप के पास अच्छी Books है तो आपको किसी और की आवश्यकता नही होगी ।
इसलिए हमेशा अच्छी पुस्तके जरूर पढ़नी चाहिए ।


आपको हमारा यह लेख कैसा लगा comments करने जरूर बताइए । यदि आपके कोई विचार या सवाल है तो comments box मे जरूर रखिए ।


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    किताब पढ़ने के कारण और फायदे आपने कई लोगो को देखा होगा जो अपने Busy schedule मे से भी  Time निकाल कर Books पढते है । क्या आप ने ...

पढा़ई करवा म्हें जास्याँ Hindi poem


Hindi-poem-girl-study


ओ म्हारी पढा़ई छे नखराळी ऐ माँ
पढ़ाई करवा म्हें जास्याँ 
ओ माँ पढ़ाई करवा म्हें जास्याँ

ओ म्हाने पढता ने किताब लादयो ऐ माँ
पढ़ाई करवा म्हें जास्याँ 
ओ माँ पढ़ाई करवा  म्हें जास्याँ

ओ म्हाने पढता ने  कागज कलम लादयो ऐ माँ 
पढा़ई करवा म्हें जास्याँ
ओ  माँ पढा़ई करवा म्हें जास्याँ

ओ म्हाने बालपने मे मत देजो रे माँ 
पढाई करवा म्हें जास्याँ
ओ माँ पढाई करवा म्हें जास्याँ 

ओ म्हाने चार आखर पढ़न दिजो रे माँ
पढा़ई करवा म्हें जास्याँ
ओ माँ पढा़ई करवा म्हें जास्याँ

ओ म्हारी पढाई छे नखराळी ऐ माँ
पढाई करवा म्हें जास्याँ ...
                     विरम सिंह 




ओ म्हारी पढा़ई छे नखराळी ऐ माँ पढ़ाई करवा म्हें जास्याँ  ओ माँ पढ़ाई करवा म्हें जास्याँ ओ म्हाने पढता ने किताब लादयो ऐ माँ...

दो मेंढक Best Hindi Motivational Story




एक Time मेंढकों का एक Group जंगल के रास्ते  तालाब की ओर जा रहा था । सभी मेंढक अपनी मस्ती मे चल रहे थे । तभी अचानक दो मेंढक एक गड्ढे में गिर गये ।
गड्ढा  थोड़ा गहरा था । जब अन्य मेंढकों ने देखा कि गड्ढा बहुत गहरा है तो उन्होंने दोनो मेंढकों से कहा कि यहा से बाहर निकलना मुश्किल है ।



लेकिन दोनो मेंढक उन के comments को  नजरअंदाज करते हुए बाहर आने की कोशिश करने लगे ।
लेकिन बाहर खड़े मेंढक उन्हे लगातार यह कह रहे थे कि तुम यहा से बाहर नही निकल सकते ।
आधे रास्ते मे अटके हुए दोनो मेंढकों मे से एक ने बाहर खड़े मेंढकों की बातो पर ध्यान दिया ओर उसने अपनी पकड़ छोड़ दी और वह निचे गिर कर मर गया ।

दूसरा मेंढक सभी की बातो को अनसुनी करते हुए लगातार कोशिश करता रहा । अन्त में बड़ी मुश्किल से वो उस गहरे गड्ढे से बाहर आने में सफल हो गया ।

जब वो बाहर आया तो अन्य मेंढकों ने पूछा कि " क्या तुमने हमारी बाते नही सुनी ?"
मेंढक ने Explained करते हुए कहा कि " वह बहरा है उसे दूर से सुनाई नही देता ।"
इसलिए वह मेंढक सोचता रहा कि यह सब साथी उसको प्रोत्साहित कर रहे है क्योंकि उसको सुनाई तो देता नही था ।

शिक्षा -  जीभ मे जीवन और मौत की शक्ति है ।
  एक शब्द किसी को नीचे से ऊपर उठा सकता है और ऊपर से नीचे ला सकता है । इसलिए जो भी कहे सोच समझ कर कहे ।
Motivational words किसी की life को successful बना सकते है ।

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Motivational story
मै और मैना का रहस्य


एक Time मेंढकों का एक Group जंगल के रास्ते  तालाब की ओर जा रहा था । सभी मेंढक अपनी मस्ती मे चल रहे थे । तभी अचानक दो मेंढक एक गड्ढे ...

20 motivational quotes in hindi

Hello friends पिछली post 25 inspirational quotes in Hindi मे हमने 25 अनमोल वचन post किए थे । आज हम आपके लिए लेकर आए है 20 motivational quotes in hindi ।

             20 अनमोल वचन

20 motivational quotes in hindi


Hindi quotes 
      1.  असफल होना कोई अपराध नही है , परन्तु सफलता के लिए प्रयास भी नही करना अपराध है ।

Hindi Quotes
 2. जब तक कष्ट सहने की तैयारी नही होती तब तक लाभ दिखाई नही देता । लाभ की इमारत कष्ट की धूप मे ही बनती है ।
                         विनोबा

Hindi Quotes
   3. सुन्दर, सच्ची और प्यारी चीजे उसी व्यक्ति के लिए बनाई गई है जो इसे देखना चाहता है ।

Hindi Motivational Quotes
 4. कलियुग मे रहना है या सतयुग मे यह तुम स्वयं चुनो, तुम्हारा युग तुम्हारे पास है ।

Hindi Quotes
 5. जिस राष्ट्र मे चरित्रशीलता नही है उसमे कोई योजना काम नही कर सकती ।
                     विनोबा

Hindi Quotes
  6. आपकी निराशा आपकी गलतियों से जुड़ी होती है ।

Hindi Quotes
  7. हर चीज जो आप खरीदते है उसकी कीमत तो आपको पता होती है लेकिन अपनी आत्मा का मूल्य आप नही जानते । यही सबसे बड़ी मूर्खता है ।

Hindi Quotes
   8. आप जिस चीज की तलाश मे है वो आपको स्वयं तलाश लेगी । निराश होने की जरूरत नही है , जो चीज आपने खो दी है वो नए रूप मे फिर आपके समक्ष आएगी ।

Hindi Quotes
  9. आपका जन्म परिंदों की तरह पंखो के साथ होता है तो फिर आप मंद गति से क्यो चलते है ।

Hindi Quotes
  10. अपने शब्द बढाइए , आवाज नही । फलों को वर्षा पल्लवित करती है दवा नही ।

 अवसर को पहचानिए और बनिए विजेता How to succeed in life 

Hindi Motivational Quotes
   11. दुनिया मे जो कुछ है वो आपके भीतर है । जो भी मांगना है खुद से मांगो ।

Hindi Quotes 
  12. हमारे भीतर अज्ञात शान्ति होती है । जब इंसान को इसका पता चलता है तो यह शक्ति ओर विकसित हो जाती है ।

Hindi Quotes
  13. लक्ष्य  न ओझल हो पाये , कदम मिला कर चल।
        सफलता तेरे चरण चूमेगी , आज नही तो कल ।।
                          स्वामी विवेकानंद

Hindi Quotes
 14. खुद की उन्नति मे इतना समय लगा दे
    की किसी ओर की निंदा का समय न हो ।।

Hindi Quotes
 15. एक श्रेष्ठ व्यक्ति अपनी बोली मे पीछे परन्तु कर्म मे आगे रहता है ।

Hindi Quotes 
  16. दुनिया आपको उस वक्त तक नही हरा सकती जब तक आप स्वयं से न हार जाते ।

Hindi Quotes
  17. नम्रता और मीठे वचन ही मनुष्य के वास्तविक आभूषण है ।

Hindi Quotes
 18. जिसके पास उम्मीद है वह लाख बार हार के भी नही हारता ।

Hindi Quotes
19. मेहनत इतनी खामोशी से करो की सफलता शोर मचा दे ।

Hindi Quotes
20. मनुष्य जितना ज्ञान मे घुल गया हो उतना ही कर्म के रंग मे रंग जाता है ।
                   विनोबा

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15 अनमोल वचन | 15 quotes to success in your life in hindi

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श्री कृष्ण नारद चर्चा

दोस्तो जन्माष्टमी पर भगवान् श्रीकृष्ण और नारदजी की काल्पनिक वार्तालाप प्रस्तुत कर रहे है यदि यह पोस्ट आपके दिल को छू जाए तो शेयर अवश्य करे ।
     
                    वार्तालाप
नारदजी - अरे प्रभु! आज आपका जन्मदिन ( जन्माष्टमी ) है और आप इतने उदास कैसे ?
श्री कृष्ण - अरे नारदजी इसकी तो चिंता है । जन्माष्टमी के दिन रात्रि 12 बजे  news chanel खोलकर तो देखो , आप को सब पता चल जाएगा  ।
नारदजी - ऐसा क्या चल रहा है news मे ?
श्री कृष्ण - जन्माष्टमी पर ' मथुरा, वृंदावन और गोकुल ' मे दुध और दही से लोग मेरी मूर्ति का अभिषेक कर रहे है । और सारा द्रव पानी की तरह बह रहा है ।
नारदजी - अरे प्रभु ! यह तो भक्तो का आपके प्रति प्यार है ।
श्री कृष्ण - मुनीवर  मेरा एक बेटा मंदिर के बाहर दो - तीन दिन से भूखा पड़ा है और दुसरा बेटा मूर्ति पर अभिषेक करके दुध दही बर्बाद कर रहा है तो दुख तो होगा ।
नारदजी - बात तो विचार करने लायक है । तो प्रभु आपकी क्या इच्छा है ?
श्री कृष्ण - जिस प्रकार मिष्ठान आदि का थोड़ा भोग मुझे चढ़ा कर बाकी प्रसाद रूप मे बांट दिया जाता है उसी प्रकार दूध दही का थोड़ा सा भोग लगा कर शेष द्रव मेरे भक्तो मे बांट देना चाहिए ।
नारदजी - परन्तु आपकी यह बात भक्तो तक पहूचाएँ कैसे ?
श्री कृष्ण - इसलिए तो आपको याद किया है मुनिवर, समाचार फैलाने का काम आपसे ज्यादा अच्छा कौन कर सकता है ?
नारदजी - प्रभु मै अकेला किस किस को समझाउगा ? मेरे पास एक आईडिया है ।
श्री कृष्ण - तो देर क्यो ? बताओ
नारदजी - आज कल पृथ्वी लोक पर social sites के माध्यम से कोई भी संदेश सभी लोगो तक पहूचाया जा सकता है । और आज के युवा इस संदेश को फैला कर यह फालतू दिखावा बंद करा सकते है ।
श्री कृष्ण - बहुत अच्छा विचार है आपका ।
नारदजी - अब मुझे आज्ञा दिजिए ! नारायण ...... नारायण
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दोस्तो जन्माष्टमी पर भगवान् श्रीकृष्ण और नारदजी की काल्पनिक वार्तालाप प्रस्तुत कर रहे है यदि यह पोस्ट आपके दिल को छू जाए तो शेयर अवश्य करे...

राजस्थानी लोक साहित्य में नीतिगत सीख Hindi Motivational Quotes


Best inspirational quotes


राजस्थानी लोक साहित्य में नीतिगत तत्वों की बात करे तो पता चलता है कि राजस्थानी लोक साहित्य समृद्ध है तथा प्रत्येक मनुष्य के लिये नैतिक आचार संहिता का कार्य करता है ।
   राजस्थानी साहित्य में यश प्राप्ति को सदा से सर्वश्रेष्ठ माना है। इस यश के सामने भौतिक सुख और सम्पदा सदा से गौण है और यह तभी संभव है जब इस प्रकार की सीख मिले –
   मूरत सुन कीरत बड़ी , बिन पांखा उड़ जाय।
  मूरत तो मिट जावसी, कीरत कठे न जाय ।।

मनुष्य जीवन के लिये लाभाकारी और फलदायी बातों की सीख लोक काव्य में पग पग पर मिलती है और इन बातो में जीवन का निचोड़ होता है -                                                                
    बलता तो दीपक भला, वलता भला विघन्न।
  गलता तो वैरी भला, वलता भला सुदिन्न ।।
विद्या वापरती भली, भरतो भलो निवाण।
पंडित तो कथतो भलो , स्रोता भलो सुजाण ।।
चन्दण री चिमठी भली, गाडों भलो न काठ ।
चातर तो एक ही भलो, मूरख भला न साठ ।।
नित को भलो न बरसनो , नित की भली न धूप ।
नित को भलो न बोलणो , नित की भली न चूप ।

“ राजस्थानी वात “ , राजस्थानी लोक साहित्य का महत्त्वपूर्ण अंग है, इन बातों को मांडने (कहने) से पहले कुछ छोगे कहे जाने की परम्परा है । इन छोगों में नीतिगत सीख भरपूर होती है और ये होते भी बड़े सरस है –
 बात सांची भली, पोथी बांची भली।
देह साजी भली, बहु लाजी भली ।।
लुवां बाजी भली, नौबत गाजी भली ।
मौत मौड़ी भली, मनसा थोड़ी भली ।।
घाव पाटी भली, भाख फाटी भली ।
मैथी फाकी भली, साख पाकी भली ।।
पंथ गाड़ी भली,  भैंस पाडी भली ।।

इन्ही छोगों में संसार के खोटे कामों से भी अवगत कराने के लिये नसीहत दी जाती है कि –
  भोजाई रो बोल खोटो, रुपिया रो रोल खोटो ।
बानिया रो आसो खोटो, जेल रो बासो खोटो ।
अकलियै रो लाटो खोटो, बामण रो आटो खोटो ।।
अवड बिचै छाली खोटी, खेत बिचै बाली खोटी ।।
बाबोजी रै चेली खोटी, घर आली तो बोली खोटी ।।

लोक जीवन से जुड़े फलदायी व दुखदायी पहलुओ का प्रगटीकरण भी इन्ही छोगों में होता है –
   सियाले रो मेह भून्ड़ो , तिरिया बिना गेह भून्ड़ो ।
ऊगोनो तो खेत भून्ड़ो, परनारी सु नेह भून्ड़ो ।।
भगतन सु हेत भून्ड़ो, उधारी बौपार भून्ड़ो।
विधवा रो बनाव भून्ड़ो, साधू वालो हेत भून्ड़ो ।।
मौसर री रीत भुंडी, दासी सु प्रीत भुंडी ।
पाड़ोसी सु राड़ भुंडी, काँटा री तो बाड़ भुंडी ।।
डुंगर री चड़ाई भुंडी, सांसी सु लड़ाई भुंडी ।
आकड़े री राख भुंडी, दिवालिये री साख भुंडी ।।
खीचड़ में लादो भून्ड़ो, घरे हिलियो खोदो भून्ड़ो ।।

आज all world में पर्यावरण को लेकर बड़ी चिंता व्यक्त की जाती है लेकिन यहाँ का लोक तो सदैव से कहता आया है –
  आक न अहलो काटिये, नीम न घालो घाव ।
जो रोहीड़ो काटसी, दरगा होसी न्याव ।।
पीपल काटे हल खड़े, धन कन्या को खाय ।
सींव तोड़ खेती करे, जड़ा मूल सु जाय ।।

राजस्थानी लोक साहित्य का नीति तत्व जीवन के गहरे अनुभवों का निचोड़ है और इसमें कष्ट सहन करके भी मानवता को न छोड़ने की प्रेरणा दी जाती है ।
आपको हमारी यह सीख से भरी हुई post कैसी लगी , comment करके जरुर बताये ।

राजस्थानी लोक साहित्य में नीतिगत तत्वों की बात करे तो पता चलता है कि राजस्थानी लोक साहित्य समृद्ध है तथा प्रत्येक मनुष्य के लिये नैति...

अवसर को पहचानिए और बनिए विजेता How to succeed in life


जीवन मे आने वाले उतार - चढ़ाव जिस व्यक्ति को परेशान नही करते ,वो ही विजेता बन सकता है । विपरीत परिस्थिति मे हि विजेता की पहचान होती है । मुश्किल हालात मे भी विजेता हिम्मत और मेहनत से अवसर बनाते है । काम के प्रति उनकी ललक और कमिटमेंट उनको भीड़ से अलग बनाता है । यदि आप अपने आप को सफल बनाना चाहते है तो आपको अपने आसपास बिखरे हुए अवसरो पर नजर दौड़ानी होगी । और उन अवसर को सफलता मेह बदलने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी ।  अपने सपने साकार करने के लिए खुद को कड़ी मेहनत करनी जरूरी होती है । इसलिए हमेशा खुद को motivate करते रहे और अपने काम मे लगे रहे ।

How to be successful in life


विचार नही , कर्म करे 
    जब साधारण व्यक्ति चीजों को मंत्रमुग्ध हो कर देखते रहते है , तब असाधारण व्यक्तित्व के धनी लोग उन चीजों की Help से अपने सपनो को पूरा करने का रास्ता तैयार करते है । विजेता हमेशा किसी भी काम को अंजाम तक पहुंचाने मे माहिर होते है । वे छोटी मोटी परेशानी से घबराते नही है बल्कि उनका डटकर के सामान करते है । विजेता कर्म पर ध्यान देते है । इसलिए यदि आप life मे success होना चाहते है तो विचार मत किजिये कर्म किजिए । जिससे आप अपने सपने पूरे कर सकते है । गीता मे भी लिखा हुआ है कि " हमे कर्म करते रहना चाहिए , फल की इच्छा नही करनी चाहिए ।"
आप जिस work मे success होना चाहते है उस मे अपनी पूरी ऊर्जा लगा दे तो आप निश्चित ही  सफल होगे ।

रिस्क लें, मिलेगी सफलता 
    विजेता आमतौर पर बड़ी रिस्क लेना पंसद करते है । उन्हे जब भी कही अवसर दिखाई देते है वे हाई रिस्क और हाई रिवार्ड के माध्यम से उनका विस्तार करते है । क्योंकि वे जानते है कि रिस्क लेने से life मे कुछ बेहतर पा सकते है । हो सकता है की सभी काम मे उन्हे सफलता नही मिलती, पर वे रिस्क लेना नही छोड़ते है ।
आप यदि life को बेहतर बनाना चाहते है तो रिस्क लिजिए । क्योंकि हम जानते है कि "डर के आगे जीत है।"  आज जितने भी successful लोग है सबने अपनी life मे रिस्क ली है तभी वे success हुए है।

कभी भी करे शुरुआत 
    यदि आप सोच रहे होंगे कि हम तो दुनिया से बहुत पीछे है अब अपना काम start करूंगा तो वो सफल होगा या नही ?
Dosto आपने एक कहावत तो सुनी होगी कि "जब जागो तब सवेरा" इसलिए कोई भी work starts करने के लिए वर्तमान से Best Time कोई नही है ।
Google कोई पहला सर्च इंजन नही था , Facebook और Twitter कोई प्रथम Social Sites नही थी । money transfer और payment company PayPal भी पहली नही थी इसके बावजूद ये अपनी अपनी industry मे सफल हुई है । ऐसा इसलिए हुआ , क्योंकि इन्होंने कुछ नया पेश किया ।
इसलिए अब भी कोई देर नही हुई है आप कभी भी काम चालू कर सकते है । और अपनी मेहनत तथा कुछ नया करने की ललक आपको सफलता दिला सकती है ।

असफलता का सामना
     ऐसा कोई नही कहा सकता की winner कभी fail नही होते । उन्हे काफी असफलता मिलती है लेकिन वे अपनी स्प्रिट को कमजोर नही होने देते । वे हमेशा विफलता के बाद तेजी से उभरते है । विजेता हमेशा बड़े लक्ष्य की ओर ध्यान केंद्रित करते है और वे धैर्य के साथ लगातार काम करते रहते है । तभी तो वे विजेता कहलाते है ।
  यदि हमे अपने जीवन मे असफलता मिलती है तो उससे घबरा कर बैठना नही चाहिए बल्कि नए जोश के साथ उस काम को करने मे दोगुनी ऊर्जा लगानी चाहिए ।  life मे असफलता सभी को मिलती है । अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन को कौन नही जानता ? वे कितनी बार चुनाव हारे ? इसके बावजूद उन्होंने अपना आत्मविश्वास तथा हौसला नही खोया और आखिर कार वे अमेरिका के राष्ट्रपति बन गए । इसलिए असफलता को सफलता की सीढ़ी बनावे ।


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मै और मैना का रहस्य Best inspirational story in hindi


Best inspirational story in hindi


एक किसान के घर पर बकरी भी थी और मैना भी थी ।  दोनों ही बोलती रहती थी । किसान की old mother बकरी की ‘मै – मै ‘ आवाज सुनकर बहुत नाराज होती थी । उसे गुस्सा आता तो वह डंडा लेकर उस पर वार कर देती थी। कभी उसके कानो में मैना की मधुर आवाज गूंज उठती –“मैना, मैना, मैना....” वर्षो तक यह क्रम चलता रहा । एक दिन कबीरदास उस किसान के घर आये । 
किसान की बूढी माताजी ने कहा –“ कबीरदासजी ! आप तो अनुभवी संत हो महाराज ! मे परेशान हूँ की बकरी और मैना दोनों बोलते है पर जब बकरी की आवाज गूंजती है तब मुझे जरा भी नहीं सुहाती है।”
“ माताजी ! आपको बकरी की आवाज अच्छी नहीं लगती पर मैना की आवाज तो अच्छी लगती होगी ?” कबीरदासजी ने पूछा ।
“ हाँ महाराज ! मैना की मीठी मीठी आवाज से मै ही क्या हर सुनने वाला मस्त हो उठता है ।” वृद्धा बोली ।
“तो बताओ  मैया! मैना का गाना आपको इत्नस मीठा क्यों लगता है। ।"
“मै नही जानती बाबा पर यह बात ठीक है कि दूध देने वाली गाय की लात तो सही जाती है पर दूध देने वाली बकरी की बेसुरी आवाज नहीं सुनी जाती । आप ही बताइये बाबा कि ऐसा क्यों होता है । "वृद्धा ने अपनी बात तसल्ली से कही 
   तब कबीरदासजी ने समझाया –“ अम्मा जी दोनों ही अपने मन की बात कहती है । कहने के पीछे जो भाव है बस उसका ही फर्क है ।"  
 “कबीर महाराज! मै समझी नहीं यह फर्क क्यों है? आप जरा मुझे अच्छी तरह समझा दो ताकि मै बकरी से नाराज न रहूँ ।” वृद्ध ने आग्रह किया ।
कबीरदासजी ने तब समझाते हुए कहा –“ मेरी मैया ! मैना मीठे सुर में जब मै ना , मै न, मै ना कहती है तब मै नहीं , मै नहीं, इस बात को कहकर अपने मन के छोटेपन और संकुचित दृष्टिकोण से अनायास ही मुक्त हो जाती है । इसलिए उसके बोल सभी को अच्छे लगते है । इधर बकरी बोलती है तो ‘मै-मै-मै ‘ की आवाज गूंजती रहती है। इसलिए उसका बोलना अच्छा नहीं लगता । उसमे उसका अहं जो बोलता है ।"
          “ हाँ बाबा! मै अब समझ गई, अपने आपको संकुचित दृष्टिकोण से मुक्त रखना चाहिए ।"
   इस व्यावहारिक सत्य का वृद्धा को बोध करवाकर कबीरदासजी चल दिए अपनी रहा |

इस प्रसंग से हमें सीख मिलती है की हमें हमारे बोल मीठे रखने चाहिए और अहं भाव से ग्रसित बोल नहीं बोलने चाहिए , क्योकि लोगो को अच्छे वचन प्रिय होते है इसलिय तो कोयल और कौए का रंग एक होने के बावजूद लोग मीठे बोल बोलने वाली कोयल को पसंद करते है   

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राजा सगर ने एक बार अश्वमेघ यज्ञ किया । अश्वमेघ यज्ञ के लिये जो घोडा छोड़ा था, उसे इन्द्र ने चुरा लिया ।  राजा सगर के पुत्र उस घोड़े को तलाश करने निकले । घोड़े को तलाश करते हुए सगर पुत्र कपिल मुनि के आश्रम के पास पहुंचे । सगरपुत्रो को कपिल मुनि के आश्रम के पास घोडा दिखाई दिया । उन्होंने कपिल मुनि को ही  चोर समझकर इसके लिये तिरिस्कृत किया ।  कपिल मुनि तपस्वी और पराक्रमी थे । मुनि का तिरिस्कार करने के कारण सगर पुत्र वही स्वत: जलकर भस्म हो गये ।
राजा सगर की दूसरी पत्नी से असमंजस नामक पुत्र हुआ । असमंजस के अंशुमान नाम का पुत्र पैदा हुआ । अंशुमन अपने दादा की सेवा करता था । अंशुमन अपने चाचाओ की खोज में निकला और खोज करता हुआ जब वह जा रहा था, तो उसे कपिल मुनि मिले ।  अंशुमान ने ऋषि को प्रणाम किया और उनकी स्तुति की । भगवान कपिल ने तब अंशुमान को बताया कि बेटा यह घोडा तुम्हारे पितामह का यज्ञ पशु है , इसे तुम ले जाओ । उन्होंने अंशुमान को उसके चाचाओं के भस्म होने की बात भी बताई | मुनि ने अंशुमान को उसके चाचाओं के उद्धार का उपाय भी बताया कि उनका उद्धार केवल गंगा जल से ही हो सकता है । अंशुमान वहा से अपने पितामह राजा सगर के घोड़े को लेकर आया । राजा सगर ने फिर अश्वमेघ यज्ञ पूरा किया ।

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अंशुमान ने अपने चाचाओं के उद्धार के लिये गंगाजी को लाने के लिये बहुत तपस्या की , पर सफल नहीं हुए । अंशुमान के दिलीप नामके पुत्र थे और दिलीप के पुत्र हुए भागीरथ । अंशुमान के पुत्र दिलीप ने भी गंगाजी को धरती पर लाने के लिए कठोर तपस्या की ।  परन्तु वे भी सफल नहीं हुए  । इसके बाद भागीरथ ने घोर तपस्या की । भागीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर गंगाजी ने उससे वर मांगने को कहा । भागीरथ ने कहा मातेश्वरी आप मृत्यु लोक में जीवो का कल्याण करने के लिये धरती पर आएँ । गंगाजी ने कहा जब में धरती पर आऊ तो मेरा वेग धारण करने वाला भी कोई होना चाहिए ।  भागीरथ ने उत्तर दिया की भगवान शंकर आपका वेग धारण कर लेंगे । इसके बाद भागीरथ ने भगवान शंकर की तपस्या की और इसके लिये भगवान शंकर को प्रसन्न किया । भगवान शंकर ने गंगाजी को अपने सिर पर धारण किया । राजा भागीरथ आगे आगे चलते रहे और गंगाजी पीछे – पीछे । गंगासागर के संगम पर पहुंचकर गंगाजी ने राजा सगर के स्वत: जलकर भस्म हुए पुत्रों को अपने जल से पवित्र कर उनका उद्धार किया ।
         गंगाजी के बारें में कहा भी गया है-
   काया लाग्यो काट, सकलीगर सुधरै नहीं ।
   निर्मल होय शरीर , तो भेट्यां भागीरथी ।।

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