essay on child labour in hindi बालश्रम पर निबंध

speech on child labour in hindi


बालश्रम society के लिए एक अभिशाप है. child labour गाँव-गाँव और नगर-नगर पैर पसारे हुए है. इसकी वजह से बहुत से children की life बर्बाद हो रही है. बालश्रम के कारण बच्चों का बचपन खत्म होता जा रहा है. india में भी child labour एक most problem है. 


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बालश्रम क्या है? what is child labour ?

     " एक निश्चित age से कम age के बच्चों से कार्य करवाना बालश्रम कहलाता है. "
जब समाज में खेलने और पढने की उम्र वाले children hard work करते है, socity के लिए इससे बड़ी समस्या क्या हो सकती है?  child labour के कारण maximum children की primary education भी पूर्ण नहीं हो पति है और वे अनपढ़ रह जाते है. 


child labour information in hindi

child labour essay


गोपालदास 'नीरज' ने लिखा है -
  
           "जिनको जाना था यहाँ पढ़ने को स्कूल,
            जूतों पर पॉलिश करें वो भविष्य के फूल.."



child labour मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है. India में 14 वर्ष से कम बच्चों से काम करवाना child labour के अंदर आता है. childrens को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास करने का हक है लेकिन child labour के कारण वे school, games और प्यार-स्नेह से दूर हो जाते है.

बच्चों के साथ गलत तरीके से बात की जाती है और उन्हें बात बात पर फटकारा जाता है जिससे बाल मन कुंठित हो जाता है जिसका effect उसकी life पर पड़ता है.

यह भी सच है की बच्चे के माता-पिता भी उन्हें बालश्रम करने के लिए प्रेरित करते है लेकिन यह उनकी भी मजबूरी होती है क्योंकि भूख सबसे बड़ी चीज है और यह कुछ का कुछ करवा देती है.

बालश्रम के कारण

     child labour को बढ़ावा मिलने के पीछे बहुत से कारक है. company मालिकों को कम money में मजदूर मिल जाते है. family की आर्थिक हालत को सुधारने में कुछ मदद मिल जाती है. हम सभी देखते है कि कड़ाके की ठंड या शरीर को जला देने वाली में भी children काम करते है. इन कठिन हालतों में भी बच्चो के काम करने के कई कारण है-
  • आर्थिक कमजोरी
  • परिवार में education की कमी
  • जागरूकता की कमी
  • compny मालिकों का स्वार्थ
  • goverment level पर सही से नियम लागु नहीं करना.


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बालश्रम के दुष्परिणाम

  •    child labour children की life बर्बाद कर देता है. इसके कारण से बहुत से बच्चे जिन्दगी को enjoy नहीं कर पाते है.  चाइल्ड लेबर से बच्चे अपनी school level तक की भी education पूरी नहीं कर पाते है. 


  •  ढाबों पर, hotel में, घरों में काम करने के लिए रखे गये चिल्ड्रेन के साथ सही से बात नहीं की जाती है उन्हें मारा पिता जाता है जिससे वे हीन भावना से ग्रसित हो जाते है. और उनका जीवन बर्बाद होता रहता है.

  •  कई बच्चे प्लास्टिक बीनने का या कचरा बीनने का काम करते है. इस काम में वे long time तक कूड़े के पास रहते है जिससे उन्हें कई प्रकार की बीमारियाँ भी हो जाती है और money के अभाव में उनका ईलाज भी नहीं हो पाता है.

  •  कई बच्चे जोखिम वाली जगह जैसे - chemical के कारखाने, glass company में etc. पर काम करते है इससे उनकी body पर  chemical के negative effects पड़ते है. 

  •  बच्चे जब काम करते है और इन हालात से गुजरते है तब इनका दिल भी रोता है और मन भी लेकिन चंद पैसों के लिए 10-12 hours तक काम करना पड़ता है. 


child labour in india essay

   बालश्रम रोकने के उपाय

  दोस्तों child labour एक बहुत बड़ी समस्या है और यह एक ऐसी समस्या है जिसका सामना हम सब मिल कर ही कर सकते है. किसी भी बच्चे के बचपन को छिनने का हमारा कोई हक नहीं है यदि हम ऐसा करते है तो इससे बड़ा कोई पाप नहीं है.
  • अपने बच्चों से ऐसे काम न करवाएं जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की हानि हो.
  • यदि आप किसी comapny मालिक है या ठेकेदार है तो किसी भी बच्चे को काम पर नहीं रखे.
  • अपने घर या आसपास child labour होता देखो तो उसे ऐसा न करने के लिए समझाएं न माने तो police को information दे.
  • education को बढ़ावा दे.
  • गरीब और दीन लोगो की मदद करे.



child labour act in india

  india में 14 वर्ष से कम age के बच्चे से काम करवाना क़ानूनी जुर्म है. संविधान में भी child labour को लेकर कई प्रावधान है.
  1.  किसी भी 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे को किसी जोखिम वाले काम पर नहीं रखा जाएगा.
  2. बच्चों को शोषण से बचाया जाएगा.(धारा 39.1)
  3. 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को अनिवार्य और निशुल्क education दिया जाएगा.
  4. भारत सरकार ने children को जोखिम वाले जगह पर रोजगार देने पर प्रतिबन्ध लगाने वाला बाल-श्रम अधिनियम, 1986 बनाया जो ऐसा पहला विस्तृत कानून था.


final word
 सरकारी और व्यक्तिगत लेवल पर काम करने से ही child labour पर रोक सम्भव है. सरकार से सजा पाने से सभी सुधर जाते तो आज देश में अपराध नहीं होता. समाज में फैले इस जाल को यदि तोडना है तो हमे ही आगे आना होगा. 


छोटे-छोटे मासूम बच्चे जिनके face को देखकर यमराज का भी दिल पिघल जाए ऐसे बच्चो से ढाबो और hotels में काम करवाया जाता है. और इस तरह उन बच्चो का बचपन काम में ही गुजर जाता है.
अंतिम में में यही कहूँगा 


  अपने घरों और दुकान में children को काम पर नहीं रखे और यदि रखे तो उन्हें उचित सम्मान जरुर दे.

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विरम सिंह
विरम सिंह

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3 comments:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, देश के सब से बड़े अनशन सत्याग्रही को ब्लॉग बुलेटिन का नमन “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  2. Yeh bahut achche se likha hua hai..thank you Veeram

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