इंसान की कीमत hindi motivational story

प्रेरक प्रसंग insaan ki kimat

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इतिहास में एक बहुत अत्याचारी शासक हुआ था जिसने लाखो लोगो का कत्लेआम किया था. उस एक पांव से लंगड़े शासक का नाम तैमुरलंग था. वह बहुत ही निर्दयी शासक था. उसे दुनिया पर विजय प्राप्त करने की सनक थी. लोगो में उसकी सेना का खौफ था. वो जिस जगह जाता उस जगह को जितने के बाद वहां के लोगो का कत्लेआम करवाता था.

उसने कई देशो के साथ भारत में भी बहुत से लोगो की निर्मम हत्याएँ करवाई थी. इस प्रकार तैमुरलंग जहाँ भी जाता वहां पर वो बहुत आतंक फैलाता था. एक बार उसकी सेना ने तुर्किस्तान पर हमल किया तथा उसको जीत लिया.

राज्य को जीतने के बाद बहुत से लोगो को सैनिको ने बंदी बना लिया. उन लोगो में से एक कवि भी था, जिसका नाम थापर अहमद था.

 जब तैमुरलंग को इस बात का पता चला तो उसने कवि से कहा कि -" सुना है थापर कवि इंसान के परखी होते है वो उसे देखकर उसकी कीमत बता देते है?"
"जी हाँ !" कवि ने जवाब दिया.

तैमुरलंग ने कहा तो फिर बताओ इन गुलामो की क्या कीमत है?
कवि ने कुछ देर सोचकर कहा " किसी भी गुलाम की कीमत चार सौ दीनार से कम नहीं है.."

यह सुनकर उस अत्याचारी शासक ने कहा की तो फिर बताओ मेरी कीमत क्या है?
थापर कवि ने कहा की आप यह नहीं पूछे तो ही अच्चा रहेगा. लेकिन तेमूर अपनी बात पर अडिग रहा और उसने कहा की यदि तुमने सही कीमत बता दी तो तुम्हे माफ़ कर दिया जाएगा. उसे लगा की कवि उसकी कीमत बहुत बड़ी बताएगा.

लेकिन कवि थापर अहमदी ने निर्भयता से कहा कि "आपकी कीमत चौबीस अशर्फियो से एक भी अधिक नहीं है."
यह सुनकर तैमुरलंग बहुत क्रोधित होते हुए बोला "तुम्हे पता है 24 अशर्फियो के तो केवल मेरे कपड़े है?"

"मैने कपड़े की ही कीमत बताई है बिना कपड़े के तो आपकी कीमत फूटी कोड़ी भी नहीं है. जिस इन्सान में दया,करुणा, क्षमा और प्रेम का भाव नहीं है उसकी भला क्या कीमत हो सकती है?" अहमदी ने साहस के साथ जवाब दिया.

यह सुनकर तैमुरलंग अपनासा मुहँ लेकर रह गया.

moral
  दोस्तों क्षमा तो वीरो का आभूषण है और असमर्थ मनुष्यों का गुण है. जिस व्यक्ति के ह्रदय में दया और करुणा है वो ही सच्चे अर्थो में मनुष्य है.

कबीरदास जी ने कहा है कि-"जहाँ दी रहती है वहाँ धर्म रहता है.. जहाँ लोभ रहता है वहाँ पाप रहता है.. जहाँ क्रोध रहता है वहाँ काल रहता है, और जहाँ क्षमा रहती है वहां भगवान रहते है.."
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सफल होने के लिए स्वामी विवेकानन्द के 3 टिप्स | how to success




आज हर कोई अपनी life में success होना चाहता है और सभी के लिए सफलता के मापदंड अलग अलग होते है. what is success ? कोई money कमाना चाहता है तो कोई इज्जत और कोई position पाना चाहता है. सभी के लिए अपने अलग अलग target होते है और उनके रास्ते भी अलग अलग होते है, लेकिन सभी का aim एक होता है success होना.


यदि आप किसी काम में सफलता पाना चाहते है या यु कहे की आप successful people में शामिल होना चाहते है तो आज की हमारी post आपके लिए बहुत helpful होगी.

how to get success?

success

Tips #1  मेहनत hard work

किसी भी field में success होने के लिए hard work बहुत जरूरी है. आपका सपना जितना बड़ा होगा आपको उतनी ही अधिक मेहनत करनी होगी. क्योंकि hard work ही सफलता की पहली key है.
आप कोई shortcut अपना कर जल्दी सक्सेस तो हो जाते हो लेकिन वो सफलता कुछ समय के लिए ही होती है. इसलिए शिव खेडा कहते है कि – “hard work का कोई alternatives नहीं है”



आप किसी कार्य को करने के के लिए जितनी अधिक ख़ामोशी से hard work करोंगे, आपकी सफलता उतना ही तहलका मचा देगी.
डेल कार्नेगी ने कहा है कि – ”जो सिर्फ काम की बात करते है, वे अवश्य सफल होते है.”

tips #2 दृढ संकल्प

 आपने ऐसे बहुत से व्यक्तियों को देखा होगा जो daily-daily अपने कार्य को बदलते रहते है वो हमेशा किसी को देखकर या उस कार्य की कठिनता को देखकर पहले वाले कार्य को छोड़ कर कोई दूसरा काम करने लगते है और इसका effect यह होता है की वे अपने किसी कार्य में सक्सेस नहीं हो पाते है.

शिव खेडा का कोट्स है कि – आधेमन मन से किये गए काम आधे नतीजे नहीं लाते, बल्कि कोई नतीजा ही नहीं लाते.”  इसलिए आप जो भी कार्य करे उस पुरे मनोयोग और दृढ संकल्प के साथ करे तभी जा कर आप सक्सेस हो सकते है.


आपको यदि success होना है तो दृढ संकल्प करना होगा. महाभारत में जब  द्रोणाचार्य ने एकलव्य को शिक्षा सेने से इंकार कर दिया तो भी एकलव्य अपने लक्ष्य से विचलित नहीं हुआ और द्रोणाचार्य की मूर्ति बनाकर उसे साक्षी मानकर धनुष चलाने में माहिर हो गया. यह सब हो सका उसके दृढ संकल्प की वजह से क्योंकि वो अपने लक्ष्य पर अडिग रहा और सफलता उसके चरण छूने लगी.

Tips #3 एकाग्रता

  सफल होने के लिए लक्ष्य के प्रति एकाग्रह होना बहुत जरुरी है. आपकी आँखों में सिर्फ आपका लक्ष्य होना चाहिए न की दुनियादारी. अपने यदि सफल लोगो का interview सुना होगा तो आपने नोटिस किया होगा कि सभी लोग अपने लक्ष्य पर एकाग्रह थे. और उन्होंने अपने लक्ष्य तक पहुँचने के लिए हमेशा एकाग्रता बनाए रखी.

स्वामी विवेकानन्द का कहना है कि – लक्ष्य को ही अपना जीवन कार्य समझो. हर क्षण उसी का चिंतन करो, उसी का स्वप्न देखो और उसी के सहारे जीवित रहो.” तो आपको अवश्य ही सफलता मिलेगी.
 

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10 tips how to top in board exam | परीक्षा में अच्छे मार्क्स कैसे लाए

exam men top kaese kare


आज की हमारी यह post students के लिए है जो school/college में study कर रहे है. every students का dream होता है की वो class  में top करे यां अच्छे marks लाए. आज हम इस post में बताएँगे की-

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how to study and get succeed ?
how do toppers study ? 
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15 amazing facts about air chief marshal arjan singh मार्शल अर्जन सिंह



1965 की भारत-पाक युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले air chief marshal of india arjan singh से जुड़े 15 amazing facts in hindi


“1965 का युद्ध जल्दी खत्म नहीं होता तो पाकिस्तान का नामो निशान मिटा देते”
                          मार्शल अर्जन सिंह



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गीदड़ की चतुराई animals story in hindi


    पंचतंत्र की कहानी - शेर और गीदड़  


जब भी कोई काम करे तो आगे की भी सोच ले उससे हमें बाद में पछताना नहीं पड़ता है और जो आगे की नहीं सोचता उसे पछताना पड़ता है आप सोच रहे होंगे की ऐसा कैसे? तो इस स्टोरी को पढ़े - 

hindi motivational story with moral 

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एक जंगल में एक शेर रहता था. वो बहुत बूथ हो चूका था इसलिए कम शिकार उसके हाथ आता था. एक दिन शेर को कोई शिकार हाथ नहीं आया. वो भूख से बेहाल हो गया और इधर उधर घुमने लगा. तभी उसने एक गुफा देखि और शेर उस गुफा में जाकर बैठ गया और किसी जानवर के गुफा में आने का इंतजार करने लगा.

जिस गुफा में शेर बैठा था वो गुफा एक गीदड़ की थी उस समय गीदड़ भोजन की तलाश में जंगल में गया हुआ था. जब शाम के समय गीदड़ गुफा में वापिस आया तो उसने गुफा के आगे शेर के पंजो के निशान देखे. गीदड़ को कुछ गड़बड़ लगी और गुफा के दरवाजे को ध्यान से देखने लगा.

उसने देखा की शेर के पंजो के निशान गुफा के अंदर जाने के है बाहर आने के नहीं है. इसका मतलब हुआ की शेर अभी भी गुफा में है.

गीदड़ ने चतुराई से काम लेने का निश्चय किया. गीदड़ ने जोर से आवाज लगाते हुए कहा- " क्योँ री गुफा तू रोज तो मुझे देखकर अंदर बुलाती है आज क्यों नहीं बुला रही है?"
लेकिन सामने से कोई जवाब नहीं आया.


गीदड़ ने फिर जोर से आवाज लगाई - " तू मुझे बुलाती है या मैं यहाँ से किसी दूसरी गुफा में चला जाऊ." लेकिन गुफा मे से कोई जवाब नहीं आया. शेर सोचने लगा शायद गुफा इसको रोज अंदर बुलाती होगी लेकिन आज मेरे डर से नहीं बुला रही है, क्यों नहीं में ही इसे अंदर बुला लू.

जब गीदड़ ने अगली बार आवाज लगाई तो शेर ने भी जवाब में दहाड़ मारी. शेर की दहाड़ सुनकर गीदड़ वहां से भाग गया और शेर हाथ मलते रह गया.

इस तरह गीदड़ ने चतुराई से अपनी जान बचा ली.

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moral of story 
    मुसीबत में डरकर बैठने की बजाय बुद्धिमता से उसका सामना करना चाहिए. क्योंकि "जो डर गया समझो वो मर गया" वाली कहावत तो अपने सुनी ही होगी.

इसलिए फ्रेंड्स कोई भी काम करे तो आगे की सोच ले और मुसीबत का सामना करने के लिए हर time ready रहे.


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प्रेरणादायी कहानी - सच्चा दोस्त hindi motivational story


 inspirational stories for students

एक गाँव में एक रामलाल नाम का किसान रहता था उसके एक राज नाम का बेटा था. किसान पुरे दिन खेत पर कठिन मेहनत करता और अपना घर चलाता था. वह हाड तोड़ मेहनत करके भी अपने बेटे को अच्छी शिक्षा दिलाई.

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 पढाई पूरी करने के बाद राज कोई काम नहीं करता था वह न तो खेत पर अपने पिताजी की मदद करता और न हिन् कोई दूसरा काम करता. राज पुरे दिन अपने दोस्तों के साथ घूमता रहता था. राज के बहुत से धनी लडके friends थे जिनके पिताजी अच्छी position पर थे. वे सभी दोस्तों पुरे दिन घूमते और रात को party करते रहते थे. राज भी अपने उन दोस्तों के साथ दिन-रात मस्ती करता और घूमता रहता था.
किसान ने अपने बेटे को बहुत समझाया की कोई काम धंधा करले यह दोस्त मतलब के है कोई संकट में काम नहीं आयेगा.
लेकिन राज कहता रहता था कि उसे कमाने की क्या जरूरत है उसके सभी दोस्त बहुत पैसे वाले है, कोई भी दोस्त उसकी मदद कर देगा और आपके तो कोई दोस्त है नहीं आप क्या समझो की दोस्ती क्या होती है?



किसान ने कहा ठीक है हमे दोस्ती का मतलब पता नहीं है, तुझे तेरे इन दोस्तों पर बहुत भरोसा है तो आज मुझे 10 हजार रुपये लाकर दे.
बस दस हजार ! ‘राज ने हंसते हुए कहा’
‘हां! दस हजार’ 

राज आनन फानन अपने दोस्तों के पास गया और कहा की उसे 10 हजार रूपये की सख्त जरूरत है.
एक दोस्त ने कहा की उसके पास 10 हजार रूपये थे लेकिन एक दोस्त को उधार दे दिया.
दुसरे धनी दोस्त ने कहा की इतने पैसे तो नहीं है.
इस तरह सभी दोस्त कोई न कोई बहाना बनाकर वहाँ से निकल लिए. राज निराश होकर खाली हाथ वापिस घर आ गया.
किसान ने कहा चलो आज रात में तुम्हे अपने मित्र से मिलाता हूँ.
किसान अपने लडके को लेकर रात के 12 बजे अपने दोस्त के घर का दरवाजा बजाया तो अंदर से किसी ने पूछा ‘कौन?’
‘मैं रामलाल’ किसान ने कहा
किसान के मित्र ने एक हाथ में तलवार और दुसरे हाथ में एक पोटली लेकर दरवाजा खोला और बोला ‘बोल मित्र क्या काम है?’
किसान ने कहा मित्र पहले तू यह बता यह तलवार और पोटली क्यों?
किसान के मित्र ने कहा कि “मेरे मित्र ने रात को दरवाजा बजाया है इसका मतलब है वो किसी न किसी मुसीबत है और मुसीबत दो तरह की हो सकती है. यदि तुझे धन की जरूरत है तो इस पोटली में गहने है उसे तू ले जा और यदि कोई झगड़ा हुआ है तो तलवार लेकर मै तेरे साथ चलता हूँ.”

यह सुनकर पास में खड़े राज की निगाह शर्म से झुक गई और उसे अपनी गलती का अहसास भी हो गया.



moral
   friends किसी ने सच कहा है कि “ table पर साथ बैठने के लिए तो लाखो तथाकथित दोस्त मिल जायेंगे लेकिन जरूरत होने पर जो आपके माँ-बाप को खून देने के लिए आ जाए, वो ही आपका वास्तविक दोस्त होता है”
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