नारी देवी तो देवी का अपमान क्यो

भारतवर्ष स्त्री को देवी स्वरूप मानता है । यह वही देश है जिसके शेर दुर्गादास राठौड़ ने अपने दुश्मन की बेटी को अपनी बेटी से बढकर पाला था ।
 जिस देश मे कहा जाता है कि  "यत्र नार्यस्तु पूज्यते ,रमते तत्र देवता "   अर्थात जहाँ नारी की पूजा होती है वहा पर देवता निवास करते है ।
देश मे जो हालात उत्पन्न हो रहे है उसे देखकर तो लगता है यहाँ देवता तो क्या दानव भी निवास नही करेंगे ।

gyandrashta
भारतीय नारी सम्मान


लोग बहुत समय से कहते आ रहे है कि राजनीति गंदी है लेकिन ऐसी है वो अब पता चल रहा है । राजनीति मे एक दुसरे पर आरोप प्रत्यारोप चलते रहते है ।
 लेकिन नारी को अपमानित करना क्या भारत के नेता को शोभा देता है ?
पिछले कुछ सालो से राजनीति मे माँ बहन को गाली दी जा रही है यह बात जनता कब तक सहन करेगी ।


स्मृति ईरानी को मोदीजी की दुसरी पत्नी बताया गया, माँ दुर्गा के लिए अपशब्द कहे गए । उन लोगो पर कोई कार्रवाई नही हुई । 


दयाशंकर सिंह ने बहनजी पर एक टिप्पणी क्या कर दी स्वयम् को देवी मानने वाली मायावती जी का पारा सांतवे आसमान पर चढ गया ।  माना जो टिप्पणी दयाशंकर सिंह जी ने की वो अशोभनीय थी उसके लिए उन्होंने माफी भी मांग ली थी और बीजेपी ने (कायरता का परिचय देते हुए ) उन्हे 6 वर्ष के लिए पार्टी से निकाल दिया ।

दयाशंकर जी ने जो कहा वो गलत था मान लिया । लेकिन बसपा कार्यकर्ताओ  द्वारा सभा आयोजित कर अम्बेडकर जी की मूर्ति के पास जो नारे लगाए वो क्या सही है । बसपा नेता द्वारा एक 12 वर्ष की लड़की के लिए जो नारे लगाए वो उनकी गंदी मानसिकता को प्रदर्शित करती है ।

दयाशंकर सिंह ने जो किया वो गलत था तो मायावती के इशारे पर भक्तो ने जो नारे लगाए वो बताता है कि बहनजी नारी के प्रति कितनी सम्मान की दृष्टी से देखती है ।

बसपा का बहन बेटी के प्रति इतना गिरा हुआ नजरिया देखकर कुछ अटपटा नही लगा क्योंकि इनके विचार स्वर्णो के लिए ऐसे ही है ।
लगता है इन्होंने इतिहास नही पढा वर्ना "तलवार, ताकड़ी और तिलक इनको मारो चार चार जुत" जैसे नारे नही देते ।

स्वाति सिंह ने जो किया वो बिल्कुल सही किया है , एक माँ और एक बहु का फर्ज निभाया है । मायावती जी कुछ स्वाति सिंह जी से भी सिखिए विरोध कैसे किया जाता है ।  बहनजी आप तो नारी थी और आप तो खुद को दैवी मानती है फिर यह सब क्या है ।

आज राजनीति मे नारी का जो अपमान हो रहा है वो भारत के लिए शर्म की बात है ।
मोदीजी से निवेदन है कि दलित एक्ट को हटाई।
 नारी सम्मान को बढ़ावा देने के लिए कुछ ठोस कदम उठाए ।

नारी सम्मान मे आम आदमी को आगे आना होगा तभी नारी के स्वाभिमान की रक्षा होगी ।


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6 टिप्पणियाँ

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July 25, 2016 at 10:47 AM ×

जय मां हाटेशवरी...
अनेक रचनाएं पढ़ी...
पर आप की रचना पसंद आयी...
हम चाहते हैं इसे अधिक से अधिक लोग पढ़ें...
इस लिये आप की रचना...
दिनांक 26/07/2016 को
पांच लिंकों का आनंद
पर लिंक की गयी है...
इस प्रस्तुति में आप भी सादर आमंत्रित है।

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July 25, 2016 at 11:32 AM ×

धन्यवाद भाई कुलदीप जी

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Pammi
admin
July 26, 2016 at 8:42 AM ×

True statement...

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July 26, 2016 at 9:58 AM ×

धन्यवाद pammi ji

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July 29, 2016 at 12:21 PM ×

बहुत ही सुन्दर रचना.बहुत बधाई आपको . कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
https://www.facebook.com/MadanMohanSaxena

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July 29, 2016 at 3:12 PM ×

धन्यवाद मदन मोहन जी
जरूर

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