आरक्षण व्यवस्था पर निबंध | essay on reservation policy in hindi

आरक्षण आज देश का सबसे ज्वलंत मुद्दा है । आरक्षण के लिए देश मे जगह-जगह हड़ताल, आंदोलन आदि हो रहे है । आज की पीढ़ी चाहती है कि आरक्षण पर बहस हो ।

आरक्षण क्या है    आरक्षण एक ऐसी व्यवस्था है जिसमे योग्य व्यक्ति के स्थान पर उससे कम योग्य को उस पद पर बैठाना । क्योंकि कम योग्य व्यक्ति की जाति आरक्षित वर्ग मे आती है । वर्तमान स्वरूप मे ऐसा ही है ।

आज हम "आरक्षण पर निबंध" मे इस बात का जिक्र करेंगे कि आरक्षण की देश को वास्तव मे आवश्यकता है या नही । आवश्यकता है तो आरक्षण की व्यवस्था क्या होनी चाहिए ।


आरक्षण के स्वरूप पर निबंध


आरक्षण पर निबंध | essay on reservation policy in hindi

आरक्षण के लिए लोगो द्वारा पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब हमारी राय मे ।

  • आरक्षण  होना चाहिए या नही ।
  • आरक्षण किस आधार पर हो ।
  • आरक्षण किस लेवल तक हो ।
हमारे देश के संविधान के अनुसार आरक्षण एक संविधान द्वारा मान्य व्यवस्था है, इसलिए हम इसका सम्मान करते है लेकिन संविधान ने हमे बोलने की आजादी दी है इसलिए आरक्षण के मुद्दे पर हम अपने विचार रख सकते है । क्योंकि यह देश के विकास और भविष्य से जुड़ा हुआ है इसलिए आरक्षण पर विचार करना बहुत जरूरी है ।

 ● आरक्षण होना चाहिए या नही  आरक्षण का उद्देश्य उन लोगो को ऊपर उठाना है जो की पिछड़े तबके से है । और जब आरक्षण लागू किया  गया था तब हालात कुछ अलग थे और अब हालात कुछ अलग है । 
आज भी कुछ लोगो को आरक्षण की आवश्यकता है । इसलिए आरक्षण होना चाहिए ।लेकिन कुछ अलग नियम और व्यवस्था के साथ होना चाहिए ।  आरक्षण की वर्तमान स्थिति है उससे वास्तव मे जरूरतमंद को फायदा नही मिलता है ।

● आरक्षण किस आधार पर हो       आरक्षण के आधार को लेकर सभी लोगो के अलग अलग मत है । वर्तमान मे आरक्षण जाति के आधार पर है । कुछ जगह पर धर्म के आधार पर भी आरक्षण है । 
 जातिगत आरक्षण मे लोगो को आरक्षण का सही लाभ नही मिलता है । वर्तमान मे आरक्षण के लिए अलग अलग कैटेगरी बनाई गई है जैसे ओबीसी , एससी, एसटी और एसबीसी ।
एक कैटिगरी मे पांच पांच या उससे ज्यादा जाति है । और एक बात हम सब जानते है कि इनके कैटिगरी मे एक या दो जातियाँ ही आरक्षण का लाभ उठाती है । बाकी की हालात तो अब भी वैसी की वैसी ही है ।

आर्थिक आधार पर हो आरक्षण      यदि सरकार आरक्षण देना चाहती है तो जाति के आधार पर या धर्म के आधार पर आरक्षण न देकर आर्थिक आधार पर आरक्षण देना चाहिए । 
"क्योंकि गरीबी कोई जाति या मजहब देखकर नही आती है । "

आर्थिक आधार पर आरक्षण देने के लिए सरकार को एक सर्वे करना चाहिए और लोगो की आर्थिक स्थिति को पता करनी चाहिए । फिर एक आय निश्चित कर देनी चाहिए की इस रूपये से कम आय वाले को आरक्षण मिलेगा । 

एक  और महत्वपूर्ण बात आरक्षण के लिए सर्व प्रति दस वर्ष मे होना चाहिए ।जैसे जनगणना होती है । क्योंकि दस वर्ष मे व्यक्ति की आर्थिक और सामाजिक स्थिति बदल सकती है ।

आरक्षण किस लेवल तक हो          जातिगत आरक्षण तो बिल्कुल ही समाप्त कर देना चाहिए और आर्थिक आधार पर आरक्षण कुछ जगह या कुछ सेवा मे होना चाहिए ।


   ●  लोगो के लाइफ से जुड़ी सेवाएँ जैसे सेना , मेडिकल, इंजीनियरिंग आदि जगह पर आरक्षण नही होना चाहिए ।
    ● देश का न्यायालय सर्वोच्च संस्था है इसलिए न्याय व्यवस्था मे आरक्षण नही होना चाहिए ।
    ● किसी एक व्यक्ति को अपनी लाइफ मे एक बार ही आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए । एक बार आरक्षण का लाभ उठा कर वो सक्षम बन गया है । अब उसे मेहनत से काम करना चाहिए ।

उपसंहार
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    आरक्षण देने की बात सरकार करती है इसकी जगह यदि वो यह कहे कि हम सभी को उच्च शिक्षा मुफ्त मे मुवैया करवाएंगे या सस्ते मे उपलब्ध करवाएंगे तो गरीब लोगो को फायदा होगा ।
उच्च शिक्षा के लिए किताब 📚 खरीद पाना जिसके बस मे नही है वो आरक्षण का कैसे लाभ उठाएगा ।
आरक्षण रूपी बैसाखी का सहारा देने की जगह उसको सक्षम बनाना चाहिए ।
अमेरिका जैसे देश मे भी आरक्षण जैसी व्यवस्था को बंद कर दिया गया है ।

आप को हमारा यह " आरक्षण पर निबंध " कैसा लगा । कमेंट करके जरूर बताना । आप अपने विचार भी कमेन्ट बाक्स मे रखे ।
विरम सिंह
विरम सिंह

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2 comments:

  1. सबको समान करना है तो सबसे आसान सब लोग एक जाति के हो जाए।

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  2. बेहद ज्‍वलंत विषय पर बेहद संतुलित विचार हैं आपके। एक विचार एवं संग्रहणीय लेख है। आभार।

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