बातचीत करते समय इन बातों का ध्यान रखें

लार्ड चेस्टरफील्ड ने अपने पुत्र को लिखे ख़त में लिखा था....’ अशिक्षित लोगों का वार्तालाप कोई वार्तालाप नहीं | बातचीत जारी रखने के लिए उनके पास न तो सामग्री होती है और न ही शब्द | अच्छा वार्तालाप उतना ही रोचक हो सकता है जितना की कोई स्वादिष्ट व्यंजन ; और यह गुण बिना ज्ञान और अनुभव के प्राप्त नहीं किया जा सकता |”



Friends आज हम कुछ ऐसे ही स्वेट मार्डेन के कोट्स लेकर आए है जिन्हें अपनाकर एक सभ्य मानव बन सके और आप एसा बोले की सामने वाले को भी अच्छा लगे और आपको भी अच्छा लगे |  

1 बातचीत करते समय स्वर ऊँचा न हो| इससे मनुष्य की जीवनी शक्ति नष्ट होती है| स्वर इतना धीमा भी न हो कि सुननेवाले को कठिनाई हो |

2 किसी बात पर प्रसन्न होकर अपने साथी के हाथ पर हाथ मारने की आदत को रोके|

3 किसी के घर के सामने या गली के कोने पर खड़े होकर अधिक देर तक बातचीत न करे |

4 किसी राह चलते व्यक्ति की और उंगली से संकेत न करे|

5 बोलते समय अपना मुख अपने साथी के इतना निकट न लें जाएँ कि उसे आपके श्वास का आना जाना महसूस हो |

6 बातचीत के दौरान थूकना,अंगड़ाई लेना या नाक साफ करना असभ्यता की निशानी है|

7 जब आपका साथी बोल रहा हो तो उसकी ओर टकटकी बांधकर न देखें| इससे वह अपनी बात खुलकर बताने में हिचकिचाएगा|

8 बातचीत करते समय माथे पर बल न पड़ने दे |

सबसे महत्वपूर्ण बात “पहले तोलो और फिर बोलो”|
दोस्तों आप बातचीत करते समय इन बातों का ध्यान रखेंगे तो निश्चित ही आप का वार्तालाप सभ्य और लोगो को प्रभावित करने वाला होगा |



विरम सिंह
विरम सिंह

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2 comments:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, "निजहित, परहित और हम “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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