वाह रे मीडिया ! थप्पड से आतंकवाद का मजहब हो गया


  महारानी पद्मावती  अमर रहे ।
  जय सती माता
    जय चितौड़

padmavati movie


जयगढ दुर्ग  मे फिल्मी भांड  अपने बिजनेस के लिए सूरज पर कलंक लगा रहे थे । अपनी अभिव्यक्ति की आजादी के मद मे इठलाते हुए सूरज पर काला टिका लगाने की कोशिश कर रहे थे । चारों ओर उनके इस कुकर्म का स्वर सुनाई दे रहा था ।



फिल्म का डायरेक्टर बिना राजस्थान का इतिहास ढंग से पढे उज्ज्वल चरित्र पर  कलंक लगाने वाली फिल्म की शूटिंग करने जयपुर चला आया ।
शायद वो भूल गया था या उसने कभी राजपुतो का इतिहास नही पढा होगा अन्यथा भंसाली शेरो  के ठिकाने मे आने की हिमाकत नही करता वो भी ऐसी घटिया और गिरी हुई सोच के साथ ।

जयगढ़ दुर्ग पर आजादी के नाम पर किसी के उज्ज्वल चरित्र और अस्मिता पर आँख उठाने की कोशिश कर रहे थे । सब कुछ उनकी इच्छा के अनुसार चल रहा था । भंसाली अपने कुकर्म पर नाज करता हुआ शुटिंग करवा रहा था लेकिन उन्हे आने वाले तुफान शायद अंदाज भी नही होगा । फिर जो हुआ वो उसने सपने मे भी नही सोचा होगा । इनकी इस बात की  खबर लग गई आजादी, स्वाभिमान और अस्मिता की रक्षा के लिए मर मिटने वाले शेरो को फिर क्या था आ पहुंचे माँ करणी के सैनिक अस्मिता पर आँख उठाने वाले भंसाली की खातिर करने ।


राजस्थान मे मेहमान का अच्छे से स्वागत किया जाता है ऐसा ही  किया करणी सेना ने ,लेकिन इस बार दाल बाटी की जगह थप्पड से खातिरदारी की । भंसाली इस स्वागत को जिन्दगी भर नही भूल पाएगा । और जयगढ दुर्ग पर शुरू हो  गई  भंसाली की लीला , करणी सैनिक का एक हाथ गाल पर ऐसा पडा की भंसाली को दिन मे तारे दिख गए होंगे और वो रात होते होते ही अपने बोरिया बिस्तर समेटकर यहाँ से भाग गया ।

संजय लीला  भंसाली ने सोचा  होगा कि वो राजस्थान मे आकर महारानी पद्मावती पर फिल्म बना लेगा ।  उन्हे अलाउद्दीन की प्रेमिका बता देगा और राजपूत चुप बैठे रहेंगे ।
"अब संजय लीला भंसाली को सपने में करणी सेना जरूर याद आएगी ।"
संजय लीला भंसाली ने कहा है कि वो अब राजस्थान मे शुटिंग के लिए नही आएंगे और आना भी नही चाहिए चरित्रवान और स्वाभिमानी भूमि पर तेरे कदम भी नही पडने चाहिए ।

जिन्होंने अपने धर्म की रक्षा के लिए जौहर का रास्ता अपना कर धर्म को पाक साफ रखा उन प्रातः स्मरणीय सती माँ पर ऐसे झूठे कलंक लगाने वाले भांडो को ऐसा ही सबक सिखाना चाहिए ।

राजस्थान टूरिज्म ने किया मेवाड़ के इतिहास को शर्मसार

आज तक विश्व में इतने हमले होते रहे और लाखो बेगुनाह लोग बेमौत मरते रहे पर आतंकवाद का कोई मजहब नही था लेकिन एक थप्पड क्या पड गई  आतंकवाद का मजहब हो गया ।

पैसो के लिए किसी भी हद तक जाने वाले यह फिल्मी भांड हमे हमारा इतिहास समझाएंगे । आजकल हिन्दुस्तान मे अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी पर भी बिना कोई  research किए फिल्म बना देते है या कुछ भी लिख देते है यह कैसी आजादी है ।

और मीडिया वाले और कुछ लोग इसे आतंकवाद कहते है । बात आतंकवाद के मजहब की करे तो आज तक हुए इतने आतंकी हमलो का क्या मजहब था जरा हमे भी बताइए मुम्बई हमला,  संसद पर हमला उस समय तो आतंकवाद का कोई मजहब नही था । आज एक थप्पड क्या पड गई सीधा मजहब याद आ गया ।

    "वाह रे मिडिया! "

  महारानी पद्मावती  अमर रहे ।   जय सती माता     जय चितौड़ padmavati movie जयगढ दुर्ग  मे फिल्मी भांड  अपने बिजनेस के लिए सूरज पर कलं...

हिंदी कहानी - सुसाइड


Hindi Story Suicide 

Best Hindi Story 

'पिछे हटो कोई इस लाइन से आगे नही आएगा ' एक पुलिसवाले ने भीड को हटाते हुए कहा।
लेकिन लोग कहा मानने वाले थे । वहाँ उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति के मन मे एक ही सवाल था कि आखिर इसने ऐसा किया क्यों?

hindi story


भीड बार बार सफेद कपडे से ढके शरीर को देखने की कोशिश कर रही थी । देखने वालो की आँखो मे जिज्ञासा, भय, और संशय साफ झलक रहा था आखिर हो भी क्यों न जब जवान लडके की लाश आँखो के सामने हो ।

वहाँ का पुरा दृश्य दिल दहलाने वाला था, चारो ओर बिखरा खून, उपस्थित लोगो की भयावह कोलाहल कमजोर दिल के व्यक्ति के लिए तो यह सब देखना और सुनना मुश्किल था। प्रत्येक व्यक्ति अपनी अपनी राय दे रहा था कोई कह रहा था -"प्यार मे पागल होगा " । कोई कह रहा था -" प्यार मे दिल टूट गया होगा " । जितने मुंह  उतनी बातें हो रही थी ।

कोचिंग  सेंटर के Boy's Hostel के  सामने बिखरा हुआ खून और जवान लडके की लाश सभी के मन मे संशय पैदा कर रही थी ।
तभी एक Student दौडता हुआ आया और लाश के  ऊपर से कपडा हटाने लगा , परन्तु पुलिसकर्मी ने  उसे ऐसा करने से रोक दिया । बहुत देर तक पुलिसकर्मी और Student के मध्य बहस होती रही । आखिरकार पुलिसकर्मी  को झुकना पडा ।

'अरे! पंकज ' छात्र कपडा हटाते ही जोर से चीखा ।
सभी लोगो का ध्यान आपसी बातचीत से हटकर सीधा उस लडके पर चला गया,  अचानक एक चीख ने कोलाहल करती भीड को एकदम शांत कर दिया,  जैसे किसी ने  उफनते दूध मे पानी डाल दिया हो ।

लोग पुरी घटना के बारे मे जानने को उत्सुक थे , लाश पंकज नाम के छात्र की थी जो कि RPET की तैयारी कर रहा था ।
लेकिन लोग अब भी यही सोच रहे थे कि 'यह उम्र हि ऐसी है होगा प्यार का लफडा और लडकी ने धोखा दे दिया होगा,  इसलिए  ऐसा कदम उठाया होगा ।'

 छात्र का नाम और कमरा नंबर पता चलते ही  पंकज के कमरे की  जांच  करने लगे । जांच  के  दौरान एक नोट्स मिला  जिससे  पुलिस के लिए  यह केस आसान हो गया ।
उन्हे सभी बाते और मौत का कारण कुछ कुछ समझ मे आने लगा ।
कुछ समय बाद ऐम्बुलेंस से पंकज की लाश को Hospital भेजते हि भीड भी धीरे धीरे छंटने लगी और शहर का माहौल फिर से  हमेशा की तरह हो गया ।

सभी लोग अपने काम धन्धे मे लग गए और सुबह  की घटना को भूल गए जैसे यह घटना बरसो पुरानी थी।
अगले दिन  अखबार आते ही फिर से लोगो को कल सुबह की घटना याद दिला दी ।
अखबार मे बडे बडे अक्षरों मे लिखा था - " पढाई से तंग आकर छात्र ने की आत्महत्या " ।
लोगो को अपने अनुमान गलत लगने लगे और सभी कोचिंग सेंटर वालो को कोसने लगे ।

अखबार  मे सुसाइड नोट के कुछ कुछ भाग छापा हुआ था -

 'आदरणीय पिताजी 
           मै आपके लिए कुछ भी कर सकता हूँ ऐसा आपको मुझ पर विश्वास है । लेकिन मुझे माफ करना मै आपके विश्वास को तोड रहा हूँ । मुझे इंजीनियर नही बनना है मै Photographer  बनना चाहता था । लेकिन आपने मुझे जबरदस्ती  यहाँ भेज दिया। यहाँ का माहौल जेल से भी बदतर है, 10 घंटे कोचिंग और फिर रात मे 8 घंटे Self पढाई । यहा आकर मै तो कोलू का बैल बन गया हूँ । पापा निंद न आ जाए इसलिए खुद को कुर्सी से बांध कर पढाई करता हूँ । आप मुझे Call करते हो तब भी आप यह ही  पूछते हो कि पढाई कैसी चल रही है और टेस्ट मे कितने नंबर आए?  आपने कभी मेरा हाल नही पुछा । मै कैसा हूँ? यह आप भी कभी नही पूछते । 
पापा Please छोटे भाई के साथ ऐसा मत करना , उसे जो बनना है वो बनने देना निश्चित ही वो आपका नाम एक दिन ऊँचाई पर ले जाएगा ।'
                       आपका पंकज 

इस सुसाइड नोट्स ने लोगो को  वास्तविकता से परिचित करा दिया उन्हे पता चल गया
की कोचिंग सेंटर  मे कैसे पढाई होती है । लोग भी कोचिंग सेंटर वाले को  कोसने लगे ।  लेकिन पंकज तो चला गया  अपनी इच्छा  को  मन मे लेकर ।

परन्तु क्या  अब यह सिलसिला रूकेगा? क्या ऐसा करने वाले माँ बाप समझ पाएंगे?  क्या वे अपने बच्चो पर अपनी इच्छा थोपना बंद करेंगे? क्या अब किसी को पंकज नही बनना पडेगा ? आखिर लोग कब समझेंगे । 

ऐसी कई कहानियाँ कोचिंग सेंटर मे, Hostels मे, घरो मे, बडे  बडे शहरो मे दबी पडी है । बस कोई उससे सीख नही लेता और न ही कोई इसके रोकथाम के लिए कोई उपाय करता । 
     
             लेखक  - विरम सिंह  सुरावा   

 

Hindi Story Suicide  Best Hindi Story  'पिछे हटो कोई इस लाइन से आगे नही आएगा ' एक पुलिसवाले ने भीड को हटाते हुए कहा। लेकिन ल...

तन सिंह जी के प्रेरणादायी कथन | Best Hindi Quotes

Tan Singh Quotes In Hindi

Hindi Quotes of Tan Singh 

पूज्य श्री तन सिंह का पूरा जीवन ही प्रेरणादायी है उनके जीवन की एक एक घटना में प्रेरणा छुपी हुई है | पूज्य तन सिंह जी ने कई पुस्तको की रचना की है और 180 से भी उपर गीत लिखे है| तन सिंह जी बाड़मेर- जैसलमेर के सासंद और विधायक रह चुके है| उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा में लगा दिया | आज हम आपके लिए उन्ही की कही हुई बातो को लेकर आये है जो निश्चित ही आपको motivet करेगी |

hindi quotes


Motivational Quotes 

दोस्तो पर शायरी | friends kaise ho hindi quotes


QUOTES 1
परिश्रम हमारा हक है, जिसे कोई झुठला नहीं सकता | परिश्रम में मिलने वाला हक भी हमारा उपार्जित हक है जिसे कोई छीन नहीं सकता| यदि हर व्यक्ति मनोयोग से परिश्रम पर जुट जाए, तो किसी भी कार्य में इतनी Help मिल सकती है,जिसकी कल्पना भी करना सरल नहीं है|
                                           पूज्य तन सिंह जी

Quotes 2 
जहाँ कई मुझे सत्य के दर्शन होते है, जी चाहता है, जीवन भर वही बता रहूँ| जहाँ कई पवित्रता का लाभ होता है, जी चाहता है, जीने और मरने के लिए जगह भी उसी को मानूँ| जहाँ कही कर्म का तपोमय यघ देखता हूँ,स्वयं आहुति बनकर अर्पित होने के लिए जी तरस उठता है| जब कभी ऐसी अनुभूतियाँ होती है, तब लगता है, मे परमेश्वर के साथ अभंग एकता में लीं हो गया हूँ – अपने आपको आलिंगन में बद्ध पता हूँ |
                                          पूज्य तन सिंह जी

सफलता और मेहनत पर अनमोल कथन | success quotes in hindi


Quotes 3 
जो लोग हमारे समीप रहकर चमत्कार देखना चाहते है,वे यह भूल जाते है की प्रकृति में हर घटना एक चमत्कार है| आवश्यकता केवल इतनी ही है, की हर घटना को अर्थ प्रदान करने का हमे सही अभ्यास हो|
                                           पूज्य तन सिंह जी
 Quotes 4
सच्ची महानता बड़े कार्यो में नहीं, छोटे छोटे कार्यो में ही देखी जाती है| कोई संयोग वश भी बड़ा कार्य कर सकता है, पर महान व्यक्ति किसी भी कार्यो को अपने हाथ से नहीं जाने देगा, जिस पर वह अपने व्यक्तित्व,चरित्र और महानता की छाप नहीं लगावे|
                            पूज्य तन सिंह जी
 Quotes 5
किसी को अपना बनाने की अपेक्षा अपना मानने में समय लगता है| कोई अपना हो जाए, यह कभी नहीं, हमे उसका बन जाना होता है| कोई बलपूर्वक और यत्नपूर्वक चेष्टा करे कि हम उसे अपना मान ले, वह व्यक्ति सचमुच हमारे आदर के योग्य है क्योंकि उसने परिश्रमपूर्वक यत्न से हमें अपनी और कर लिया है|
                                            पूज्य तन सिंह जी
 Quotes 6
कुटिलता और प्रदर्शन किसी को धोखा देने में अवश्य सफल हो सकते है पर हम स्वयं भी उस धोखे से अपने आपको नहीं बचा पाते है|
                                            पूज्य तन सिंह जी

Keywords 
motivational quotes in hindi, hindi quotes,quotes in hindi , suvichar, motivational , motivational story 

Tan Singh Quotes In Hindi Hindi Quotes of Tan Singh  पूज्य श्री तन सिंह का पूरा जीवन ही प्रेरणादायी है उनके जीवन की एक एक घटना में...

माँ पर शायरी | quotes on maa in hindi

Hello Friends जब हम जन्म लेते है और बोलना सिखाते है तो सबसे पहला शब्द होता है "माँ" । 
Maa का पद world मे सबसे उँचा माना जाता है । आज इस post मे Maa par shayari ,Facebook status और अनमोल कथन प्रस्तुत कर रहे है । 


Maa par shayari


Maa shayari , maa Facebook  status in hindi , quotes on maa in hindi
15 quotes on maa in hindi

1 तूने धरती पर पहला श्वास लिया, तेरे माता पिता तेरे पास थे ।
माता पिता जब अंतिम श्वास ले तुम उनके पास रहना युवक ।

2. अपना मंगलसूत्र बेचकर तुम्हे बड़ा करने वाले माँ बाप को घर से निकालने वाले युवक ! तुमने जीवन में अपने अमंगल को बुलावा दे दिया है ।

3. माँ बाप को सोने में नहीं मंढ़ों तो चलेगा , हीरों से न जड़ो तो चलेगा । पर उनका जिगर जले और अंतर आंसू बहाए, यह कैसे चलेगा ।

4. जब छोटा था तो माँ की शैया गीली रखता था अब बड़ा हुआ तो माँ बाप की आँखे गीली रखता है |

5. माँ बाप की आँखों में दो बार आंसू आते है - 
   बेटी घर छोड़े तब | बेटा मुँह मोड़े तब ।

6. बचपन में जिसने तुझे पाला , बुढ़ापे में तुमने उसे न सम्भाला, तो तुम्हारे भाग्य में भड़केगी ज्वाला ।

7. मुन्ने को माँ बाप ने बोलना सिखाया ।
    उसने बड़े होकर माँ बाप को मौन रहना सिखाया ।

8. पत्नी पसंद से मिल सकती है माँ पुण्य से मिलती है , पसंद से मिलने वाली ले लिये पुण्य से मिलने वाली को तुमने क्यों ठुकराया रे युवक !

9. पेट में 5 बच्चे जिसे भारी नहीं लगे  वह माँ , 
बेटों के 5 कमरों में भारी लगने लगी ।

10. संसार की दो ही करुणताएँ है –
   माँ बिना का घर । घर बिना की माँ ।






माँ पर शायरी

11. सबको आकार धारण करने के लिये माँ चाहिए – तुम भाग्यवान हो युवक ! की तुम्हारी माँ है ।

12. खुदा था तब भी दुनिया में और अब भी है, आते ही जहाँ में क्यों माँ को पुकारा था ?

13. खुदा दुनिया का मालिक है, दुनिया माँ की पैदाइश, खुदा को खुदा कहूँ या माँ को खुदा कहूँ ?

14. हमने सुना है खुदा है खुदा ने सुना नहीं , कौन कहता है आज तक माँ ने सुना नहीं ?

     
quotes on maa
     
15 पले जो गोद में लोहू पी के, फिर भी माँ को माँ न समझे , हम तो यही कहते है गरीब उसको भी खुदा समझे ।

loading...

16. देखा नहीं हमने उसको कभी उसकी जरूरत क्या होगी, हे माँ ! तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी ? 



Keywords :- quotes on maa in hindi , status on maa to WhatsApp , Facebook status on maa , shayari in hindi , maa par shayari ,  

Hello Friends जब हम जन्म लेते है और बोलना सिखाते है तो सबसे पहला शब्द होता है "माँ" ।  Maa का पद world मे सबसे उँचा माना जाता...

2 शिक्षाप्रद कहानियाँ Hindi Motivational Story


  2 शिक्षाप्रद कहानियाँ 

                 अभ्यास का महत्त्व 
एक किसान खेत पर काम कर रहा था | उसके साथ उसका पुत्र था – उम्र में काफी छोटा | किसान अपने पुत्र को हल चलाना सिखा रहा था | बच्चा छोटा था, इसलिए ठीक से हल पकड़ नहीं पा रहा था | लेकिन किसान था की सिखाने की कोशिश जारी रखे हुए था|
   तभी एक राहगीर उधर से गुजरा| उसने किसान का यह कार्य देखा तो उससे रहा नहीं गया , उसने किसान से कहा –“ भाई, आप बच्चे से हल चलवा रहे है | लेकिन यह तो बहुत छोटा है | क्या यह उचित है?”


hindi story

     किसान ने बड़े विश्वास से उत्तर दिया –“ अभी यह छोटा है तो क्या हुआ? अभी से कोशिश क्स्रेगा, तभी न इस कार्य में पारंगत होगा | छोटी उम्र में ही अभ्यास नहीं डाला गया तो जीवन में सफलता मिलनी आसान नही | अभ्यास ही मनुष्य को सफल बनाता है| जानते है न- ‘करत – करत अभ्यास के जड़मत होता सुजान|’
         राहगीर किसान के उत्तर से संतुष्ट हो आगे चल दिया |

2 motivational story

                 धैर्य में ही सफलता
एक आश्रम में, शिक्षा सत्र समाप्ति पर, गुरु ने शिष्यों की अंतिम परीक्षा लेने के उद्देश्य से, सब के हाथो में बांस से बनी एक एक टोकरी पकड़ा ते हुए कहा –“तुम सब नदी पर जाकर इन टोकरियो में जल भर कर लाओ और आश्रम की सफाई करो|”
   गुरु की आज्ञा मानकर शिष्य चल पड़े| सोचने लगे की टोकरियो में जल कैसे भरे जाएगा? जल तो छेदों से बहकर निकल जाएगा | नदी पर वही हुआ| टोकरियो में पानी भरते ही बह जाता था |
loading...
    सदाव्रत नामक शिष्य को छोड़ कर सभी शिष्य टोकरिय वाही फेंककर आश्रम में आ गए| लेकिन सदाव्रत ने प्रयास नहीं छोड़ा और शाम तक टोकरियो में जल भरने का प्रयास करता रहा | आखिर उसका धैर्य रंग लाया और टोकरी में बार बार जल लगने से बांस की कमानियाँ फूल गई और उनके बिच में छेद बंद हो गये और जल रिसना बंद हो गया |

   सदाव्रत टोकरी में जल लाकर आश्रम की सफाई में जुट गया | तब गुरु ने सभी शिष्यों को बुलाकर कहा –“यह अंतिम शिक्षा थी जिसमे सदाव्रत के अलावा सभी छात्र fail हुए है| जीवन में किसी भी काम में सफलता पाई जा सकती है | बस, शर्त यह है की उसे करने के लिये पर्याप्त धैर्य होना चाहिए |”


उक्त 2 Story से यह ही शिक्षा मिलती है की यदि हमे लाइफ में success होना है तो अभ्यास और धैर्य होना बहुत जरुरी है| 


  2 शिक्षाप्रद कहानियाँ                    अभ्यास का महत्त्व   एक किसान खेत पर काम कर रहा था | उसके साथ उसका पुत्र था – उम्र में काफ...

माँ का ख़त बेटे के नाम

दोस्तो एक बुढ़ी माँ परदेश मे बस गए अपने लाडले बेटे को खत लिखती है । और उसे घर के हालात और अपनी व्यथा की दुहाई देकर एक बार घर आने का आग्रह करती है । आप के दिल को छू जाने वाला "माँ का खत बेटे के नाम "

maa ka khat


प्रिय बेटा
स्नेहाशीष
       बेटा तुम जहाँ हो कुशल मंगल होगे ऐसा मेरा दिल कहता है । बेटा तुमने गांव से जाने के बाद हमारे हालचाल तो नही पूछे शायद तुम्हारे पास समय नही होगा । इसलिए मै बता देती हू यहाँ सब राजी खुशी है ।
   बेटा जब यह खत तुम्हे मिलेगा तो निश्चित ही तुम्हे मेरी याद आएगी और आँखो से आँसू निकल आऐगे । पर बेटा आँख मत बहने देना , क्योंकि बेटा मै तुम्हारी आँखो मे आँसू नही देख सकती ।

☆ बेटा तेरे बाबा ने तुम्हे आशीर्वाद भेजा है ।   बेटा तेरे बाबा गांव मे सीना चौडा करके घुमते है और सभी को कहते है कि मेरा बेटा परदेश मे है । लेकिन बेटा वे अन्दर से बहुत अकेले है । आज वो बाँस की लाठी के सारे चलते है उनके बुढापे की लाठी तो परदेश मे है  । 
बेटा तेरे बाबा बुढापे मे भी इतना काम करते है जितना तुम छोटे थे तब करते थे । आज जब काम करते थक जाते है तो पानी के लिए तेरा ही नाम पुकारते है ।

☆ बेटा तेरी लाडली बहना सयानी हो गई है । उसके भी हाथ पीले करने है । तेरी बहना वर्षो से राखी पर चुप चुप करके रोती है इसलिए की कई उसके आँसू तेरे बाबा और मुझको कमजोर न कर दे ।
☆  बेटा  मेरा तो क्या ? तू खुश है तो मै तो सदा खुश हूँ  । बेटा जब तुम पैदा हुए थे तब मैने और तेरे बाबा बड़े सपने संजोए थे । तेरे बाबा तुझे पढा कर बड़ा अफसर बनाना चाहते थे लेकिन तुम तो इतना बड़ा बन गया कि अपने माँ - बाप को भूल गया  ।
बेटा इस आखातीज पर रामलाल जी ने अपने बेटे की शादी  बड़े धूमधाम से की , बेटा तेरे बाबा भी तेरी शादी ऐसे ही धूमधाम से करना चाहते थे पर तुम तो ..........

☆ बेटा तुझे यहा से गए 8 साल हो गए पर बेटा तुमने एक बार भी अपनी बुढ़ी माँ का हाल नही पूछा ।
बेटा कुछ समय तक तु रूपये भेजता था पर अब वो भी भेजना बन कर दिया ।
बेटा हमे कागज के टुकडे नही चाहिए।  मेरे जिगर के टुकडे एक बार अपनी माँ को मिलने आ जा ।
☆ बेटा यहाँ पर लोग कहते है कि तुमने वहाँ ब्याव कर लिया होगा और अब तुम यहा नही आओगे । बेटा यदि यह सच है तो एक बार मुझे अपनी बहू का मुँह तो दिखा दे । बेटा एक बार तो आ जा , अपनी दुखियारी माँ की तो पुकार सुन ।

☆  बेटा शायद तुम्हे याद होगा कि तुम्हे पढाने  के लिए हमने अपने पुरखो की दि हुई जमीन गिरवी रखी थी । बेटा तुम तो जानते ही हो हमारे लिए जमीन माँ है , बेटा अपनी माँ को मुक्त कराने के लिए तो एक बार आ जा ।
बेटा यहा की हालत तो ओर भी विकट है पर मेरे आँखो के तारे मै तुझे यह सब बता कर दुखी नही कर सकती।
बेटा जब गाँव मे कोई गाडी आती है तो चौखट पर आ जाती हूँ इसी आस मे की मोटर मे तू आया होगा ।
लेकिन तुने तो हमारी सुध लेने की भी कोशिश नही की । लेकिन बेटा बस एक बार आ जा । बेटा इन कानो मे अब सुनाई नही देता पर  तेरे मुँह से माँ सुनना चाहते है ।

● बेटा अपने बुढे बाबा को पानी पिलाने एक बार तो आ जा  ।
● अपनी बहना की डोली डोली उठाने तो आ जा फिर चाहे मेरी अर्थी को काँधा देने मत आना ।
● बेटा अपनी माँ को मुक्त कराने एक बार तो आ जा ।
बेटा एक बार तो आजा ।
बेटा एक बार ............
तुम्हारे इंतजाम मे
तुम्हारी
माँ



दोस्तो एक बुढ़ी माँ परदेश मे बस गए अपने लाडले बेटे को खत लिखती है । और उसे घर के हालात और अपनी व्यथा की दुहाई देकर एक बार घर आने का आग्रह ...

6 दिन Students के साथ


पिछले कुछ Time से मै Blog पर नहीं आ सका, क्योंकि मेरा exam था और उसकी तैयारी करने में busy होने के कारण में पोस्ट नहीं कर सका |  
24 दिसम्बर को एग्जाम हो गया | उसके बाद 6 दिनों के लिए शिक्षा संबल कार्यक्रम के तहत हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड और विद्या भवन के सयुंक्त तत्वाधान में आयोजित 6 दिवसीय शीतकालीन शिविर में आजोलियो का खेडा, चंदेरिया ( चितौड़ ) में था | वहा पर नवी व दसवी class के students के साथ हम लोगो ने काम किया| कैंप में कई नई बातें सिखने को मिली |
   आज इस पोस्ट में आपको कैंप के अनुभवों के बारे में ही बता रहा हूँ |  आप को मेने पहले ही बता दिया था की मै विद्या भवन उदयपुर से BSTC कर रहा हूँ| तो इसी वजह से मुझे विद्या भवन सोसायटी के साथ काम करने का मौका मिला |

  26 दिसम्बर 2016 से 31 दिसम्बर 2016 तक शिक्षा सम्बल कार्यक्रम के तहत अजोलियो का खेडा, चंदेरिया ( चितौड़) के school में 9वी व 10वी class के students को पढ़ाने का मौका मिला |  26 दिसम्बर को हम 4 लोगो की टीम नेहा यादव, हैदर सर, सीबी मेम और मै मोर्निंग में 8:00 बजे उदयपुर से चितौड के लिए रवाना हो हुए|  हम लोग लगभग 10 बजे चंदेरिया पहुंचे और हम लोग जिंक नगर के गेस्ट हाउस में रुके वहा पर श्रीमती Snigdha Das मिली और 5 लोगो की टीम हो गयी |

   बाद में हम लोग सीधे स्कूल में गये और वहा पर हम 5 लोगो के अलावा विद्या भवन के 3 FI और स्कूल के प्रिंसिपल का साथ मिला | कैंप में 3 सब्जेक्ट ( English, Maths, Science ) की तैयारी करवाई गयी |   कैंप में हमने स्टूडेंट्स को छोटे छोटे group में बाँट कर subjects के अनुसार स्टडी करवाई |
   इन 6 days में बहुत सी नई बात सिखाने और सीखने को मिली | students ने आनन्द के साथ पढाई की और नई बातें सीखी | स्टूडेंट्स को Science को प्रयोग के माध्यम से समझाया और maths को भी रोचक तरीके से पढाया जिसकी वजह से बच्चो ने भी मन लगा क्र study की और मैथ्स & साइंस को जाना व समझा |

   मुझे वहा पर मैथ्स पढ़ाने का मौका मिला और साइंस के प्रयोग भी करवाए | हमने बच्चो को खेल खेल में पढ़ाने की तकनीक को अपनाया जिससे स्टूडेंट्स भी अच्छे तरीके से समझ सके | सामान्यत यह कहा जाता है की सरकारी स्कूल के बच्चे पढ़ने में कमजोर होते है या वे पढ़ने में रूचि नहीं लेते है | लेकिन जो हालत हमने वह पर देखि उसके हिसाब से हम कह सकते है की सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स मंदबुद्धि या कमजोर नहीं होते है वे आगे इसलिए नहीं आ पाते है क्योकि उन्हें वो सब fecility नहीं मिलती जो private स्कूल के स्टूडेंट्स को मिलती है |
   हमने जो हालत उस स्कूल में देखि उसके अनुसार निम्न कारण से सरकारी स्कूल के बच्चे आगे नहीं आ पाते है –
  1 भौतिक सुविधाओ की कमी – जैसे स्कूल भवन , फर्नीचर आदि की कमी | हम जिस स्कूल में गये वो 12th तक था और उसमे बैठने के लिए पर्याप्त classroom नहीं थे | उस में एक room में 60 स्टूडेंट्स को बैठाया जाता है जबकि एक रूम में 30 स्टूडेंट्स ही आराम से बैठ सकते है |
  2 Teachers की कमी |
  3 Villagers का रूचि न लेना |
  4 अधिकारियों का रूचि न लेना |
 
    हमने 6 days तक जो काम किया उसमे स्टूडेंट्स ने बहुत अच्छे से सिखा और अच्छे से समझा | हमने बच्चो को उस घिसे पिटे तरीके से न पढ़ाकर नए और वैज्ञानिक तरीके से पढाया | जिससे स्टूडेंट्स को पढ़ने में बहुत आनन्द आया और उन्होंने मजे लेकर पढाई की |  इन 6 दिन के अनुभव के हिसाब से में कह सकता हु की बच्चे जिज्ञासु और सीखने की ललक वाले होते है उनके सपने बहुत ऊँचे होते है और उनके मन में कुछ करने की चाहत होती है बस आवश्यकता होती है उन्हें सही दिशा देने की और उन्हें motivate करने की |
   दोस्तों इन 6 days मे सभी team मेम्बर ने सहयोग की भावना के साथ काम किया और कैंप में बहुत मजा आया |  

पिछले कुछ Time से मै Blog पर नहीं आ सका, क्योंकि मेरा exam था और उसकी तैयारी करने में busy होने के कारण में पोस्ट नहीं कर सका |   24 ...