जब सीमा पर जवान शहीद हुआ होगा



कविता 




उस दिन आसमां भी बिलखा होगा,
जब सीमा पर जवान शहीद हुआ होगा ।


अस्ताचल को जाता भानू भी ठिठका होगा,
जब डोली मे बैठी बहना को शहीद भाई का मुँह दिखाया होगा ।।


आँगन मे बैठी बुढ़ी माँ का आँचल भी दुध से भीग गया होगा ,
जब शहीद जवान बेटे की देह को सीने से लगाया होगा ।।

काल भी अपने किए खोटे काम पर पछताया होगा ,
जब मेंहदी वाले हाथो ने अपनी माँग को मिटाया होगा ।


यमलोक में यमदेव भी चुपके चुपके बिलखे होंगे ,
जब दुध पीते बेटे ने शहीद पिता को अग्नि दी होंगी ।


उस दिन आसमां भी बिलखा होगा , 
जब सीमा पर जवान शहीद हुआ होगा ।

विरम सिंह सुरावा






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4 टिप्पणियाँ

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September 24, 2016 at 5:28 PM ×

उस दिन आसमां भी बिलखा होगा ,
जब सीमा पर जवान शहीद हुआ होगा ।
बहुत बढिया प्रस्तुति।

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September 25, 2016 at 10:20 AM ×

बहुत ही। acchi पोस्ट ।।।

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September 25, 2016 at 11:07 AM ×

धन्यवाद इन्द्र सिंह जी

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