माँ तेरे ममता के आँचल मे | poem - maa tere mamta ke aanchal me


माँ तेरे ममता के आँचल मे


माँ तेरे ममता के आँचल मे
सुकून मै पाया करता हूँ ।
दुलार की प्यास मिटाया करता हूँ
माँ तेरे ममता के आँचल मे ।

जिन्दगी से जूझने का हौसला मे पाया करता हूँ
हरदिन अपने मे जोश नया लाया करता हूँ।
माँ तेरे ममता के आँचल मे ।


बड़े प्रयास लगाया करता हूँ
क्योंकि पता है अगर विफलता हाथ लगे
तो प्रेरणा भी तुझसे हि पाया करता हूँ।

माँ तेरे ममता के आँचल मे 
अपने को सही और दुनिया को गलत पाया करता हूँ 

माँ तेरे ममता के आँचल मे 
सुकून मै पाया करता हूँ ।
                
                    प्रद्युम्न सिंह 'भम्सा'

 
English version

Maa tere mamta ke aanchal me
Sukun me paya krta Hu
Dular ki pyas mitaya karta Hu
Maa tere mamta ke aanchal me

नारी देवी तो देवी का अपमान क्यो 

Zindgi se joojhne ka hosla  me paya karta Hu
Hardin apne me joush naya laya karta Hu
 Maa tere mamta ke aanchal me

Bade prayas lgaya karta Hu
Kyuki pata he agar vifalta hat lage
To prerana bhi tujhi se paya karta hu

Maa tere mamta ke anchal me
Apne ko sahi or duniya ko galat paya karta hu


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